अर्द्ध- अनुबंध की विशेषताएँ - Features of semi-contract
अर्द्ध- अनुबंध की विशेषताएँ - Features of semi-contract
अर्द्ध- अनुबंध की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं :
• अर्द्ध- अनुबंध कोई वास्तविक अनुबंध नहीं है अपितु यह कानून द्वारा किसी व्यक्ति पर थोपा गया दायित्व है।
• ऐसे अनुबंध में प्रायः एक पक्षकार किसी दुसरे पक्षकार को कुछ धन चुकाने के लिए बाध्य होता है।
• इसका सृजन प्रस्ताव एवं स्वीकृति से नहीं बल्कि कानून द्वारा किया जाता है।
• इसमें वैध अनुबंध के सभी लक्षण विद्यमान नहीं होते हैं।
• ऐसे अनुबंध में एक पक्षकार को दुसरे पक्षकार से धन प्राप्त करने का अधिकार होता है, निस्तीर्ण क्षतिपूर्ति का अधिकार नहीं।
• ऐसे अनुबंध एक पक्षकार को किसी विशिष्ट पक्षकार के विरुद्ध ही कुछ अधिकार प्रदान करते हैं। अतएव ऐसे अनुबंध व्यक्तिगत होते हैं, सार्वजानिक नहीं ।
• यह समता से सिद्धांत के लागू होने से उत्पन्न होता है। यह सिद्धांत यह कहता है कि किसी भी व्यक्ति को दूसरे की कीमत पर अनुचित लाभ उठाने नहीं दिया जाना चाहिए।
• यह किसी व्यक्ति के कर्तव्य के कारण उत्पन्न नहीं होता है, न कि किसी के वचन देने के कारण।
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