लिंग समता पहले से बेहतर - gender parity better than ever

लिंग समता पहले से बेहतर - gender parity better than ever


अब साक्षरता में पुरुषों और महिलाओं के बीच का अंतर कम हो रहा है जो लिंग समता की दिशा में एक सकारात्मक विकास है। नारी शिक्षा को भारत में और प्रोत्साहन दिए जाने के कई कारण है। जैसे- शिक्षा नारी की आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक स्तर में सुधार और साथ ही स्त्री शिक्षा, प्रजनन दर और स्त्रियों व बच्चों के स्वास्थ्य देखभाल पर अनुकूल प्रभाव डालती है। इसलिए साक्षरता स्तर को सुधारने के अपने प्रयासों में कमी नहीं आने देनी चाहिए। अभी हमें शत-प्रतिशत वयस्क साक्षरता दर प्राप्त करने की पूरी कोशिश करनी चाहिए इसके लिए हमे कई कठिनाइयों को अभी पार करना बाकी हैं। उच्च शिक्षा लेने वालों की कमी:


भारत में शिक्षा का पिरामिड बहुत ही नुकीला है जो हमें यह दिखाता है कि उच्च शिक्षा का स्तर तक बहुत कम लोग ही पहुंच पाते हैं। यही नहीं शिक्षित लोगों की बेरोजगारी दर भी उच्चतम है। राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण संगठन के आकड़ों के अनुसार शिक्षा प्राप्त युवाओं में वर्ष 2007-08 में बेरोजगारी दर 18.1 प्रतिशत थी जबकि केवल प्राथमिक शिक्षा प्राप्त वर्ग में बेरोजगारी मात्र 11.6 प्रतिशत पायी गई। अत सरकार को उच्च शिक्षा के लिए अधिक धन का आबंटन करना चाहिए तथा उच्च शिक्षा संस्थानों के स्तर में सुधार लाना चाहिए, ताकि पढ़े रहे छात्र रोजगार योग्य कौशल प्राप्त कर सके।