माल विक्रय अनुबंध एवं इसके आवश्यक लक्षण - Goods sales contract and its essential features

माल विक्रय अनुबंध एवं इसके आवश्यक लक्षण - Goods sales contract and its essential features


माल विक्रय अनुबंध पक्षकारों की इच्छानुसार बिना शर्त या सशर्त किया जा सकता है। इस प्रकार माल विक्रय अनुबंध में वास्तविक विक्रय और विक्रय के लिए ठहराव दोनों ही सम्मिलित किया जाता है। विक्रय अनुबंध के अंतर्गत जिस समय माल का स्वामित्व विक्रेता से क्रेता के पास हस्तांतरित होता है, विक्रय कहलाता है तथा जब माल के स्वामित्व का हस्तांतरण किसी आगामी तिथि पर होना निश्चित होता है विक्रय के लिए ठहराव कहा जाता है।


उदाहरण के लिए, मोहन 500 किलो चावल 25,000 रूपये में सोहन से क्रय करने का अनुबंध करता है। यदि सोहन, मोहन की अधिकार देता है कि वह जब भी चाहे आकर चावल ले जाये तो यह विक्रय की श्रेणी में रखा जायेगा।