सकल राष्ट्रीय उत्पाद - Gross National Product
सकल राष्ट्रीय उत्पाद - Gross National Product
यह राष्ट्रीय लेखे की एक बुनियादी अवधारणा है। किसी अर्थव्यवस्था में जो मी अन्तिम वस्तुएं पदस चतवकनबजेद एवं सेवाए एक वर्ष की अवधि में उत्पादित की जाती है उन सभी के बाजार मूल्य के जोड़ को सकल राष्ट्रीय उत्पाद कहते हैं सकल राष्ट्रीय उत्पाद ळछच्द्ध की गणना करते समय निम्न तीन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिये
प्रथम GNP में अन्तिम वस्तुओं (final goods ) एवं सेवाओं मौद्रिक मूल्य को ही जोड़ा जाता है। मवर्ती वस्तुओं (Intermediate goods) एवं सेवाओं को नहीं । अन्तिम वस्तुओं वे होती है जो उपभोक्ताओं द्वारा अन्तिम रूप से उपभोग कर ली जाती है और इनका प्रयोग अन्य वस्तुओं के उत्पादन में नहीं किया जाता।
उसके विपरीत मध्यवर्ती वस्तुये उन्हें कहते हैं जो अन्य वस्तुओं के निर्माण में सहायक होती हैं अथवा निका प्रयोग अन्य वस्तुओं के उत्पादन में किया जता है। उदाहरणार्थ, कपड़ा अन्तिम उत्पाद है जबकि कपास, मध्यवर्ती, इसी प्रकार डबल रोटी अन्तिम वस्तु है जबकि आटा मध्यवर्ती।
दूसरा, सकल राष्ट्रीय उत्पाद का अनुमान लगाते समय यह भी जरूरी है कि उसमें केवल चालू वर्ष की उपज के मूल्यों को ही जोड़ा जाये अर्थात जो वस्तु जिस वर्ष पैदा की जाये, उसी वर्ष के GNP में सम्मिलित की जाये। इसका कारण यह है कि एकल राष्ट्रीय उत्पाद किसी अर्थव्यवस्था की उत्पादकता का संसूचक होता है। उदाहरणार्थ यदि कोई वस्तु 2009 में उत्पादित की गयी है और वह 2010 तक नहीं बिक पाती, तो वह वस्तु 2009 के GNP में ही सम्मिलित की जायेगी, 2010 के GNP में नहीं।
तीसरे, कुल राष्ट्रीय उत्पाद में से पूंजीगत वस्तुओं की घिसावट मूल्य हास तथा प्रतिस्थापन लागत आदि को घटाया नहीं जाता है। वास्तव में यही कारण है कि इसे कुल या सकल राष्ट्रीय उत्पाद कहते हैं।
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