औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में वृद्धि - Growth in various sectors within the industrial sector

औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में वृद्धि - Growth in various sectors within the industrial sector


(i) औद्योगिक विकास दर 2002-03 में 57 प्रतिशत था जो 2006-07 में बढ़कर 12.5 प्रतिशत वार्षिक गति से हो गई। 


(ii) विनिर्माण में वृद्धि - इस क्षेत्र में 2002-03 में 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी जो कि 2006-07 में बढ़कर 125 प्रतिशत हो गई। 


(iii) विद्युत गैस एवं जल आपूर्ति- इसमें 2002-03 में 3.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह 2006-07 मे बढ़कर 72 प्रतिशत हो गई। असफलताएं दसवी योजना के पहले तीन वर्षों में औद्योगिक क्षेत्र में निम्न असफलताएं रही धीमी वृद्धि दर दसवीं पंचवर्षीय योजना के तीन वर्षों में वृद्धि दर काफी धीमी रही, क्योंकि लक्ष्य 8.9 प्रतिशत वार्षिक निर्धारित किया गया है।


इस प्रकार प्राप्तियों और लक्ष्यों में काफी अंतर रहा। इसके कारण निम्नलिखित है -


खनन तथा उत्खनन की वृद्धि दर में कमी - इसमें 2002-03 में 58 प्रतिशत की वृद्धि हुई। परंतु यह 2004-05 मे कम होकर 5.3 प्रतिशत रह गई।


योजनाकाल में महत्वपूर्ण प्राप्तियां स्पष्ट है कि पंचवर्षीय योजनाओं के दौरान उद्योगों का तेजी से विकास हुआ है। जहां आजादी से पहले भारत सूई तक बाहर से मंगवाता था, वहा अब बड़ी-बड़ी मशीनें भी विदेशों को निर्यात करने लगा है। औद्योगिक विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने के कारण आज भारत विश्व के 10 बड़े औद्योगिक देशों में गिना जाने लगा है।


(त) ग्याहरवीं योजना में औद्योगिक विकास


इस योजना काल में औद्योगिक विकास का लक्ष्य 10 प्रतिशत तथा निर्माण उद्योगों के विकास का लक्ष्य 12 प्रतिशत रखा गया। इसमें उद्योगों को वैश्वी स्तर पर विकसित किया जाता है, ताकि भारत के औद्योगिक उत्पादन की वैश्वी स्तर पर मांग पैदा हो पर 2007-08 औद्योगिक विकास दर 8.8 प्रतिशत वार्षिक गति से रही।