उदासीनता वक्र विश्लेषण का महत्व एवं उपयोग - Importance and Uses of Indifference Curve Analysis
उदासीनता वक्र विश्लेषण का महत्व एवं उपयोग - Importance and Uses of Indifference Curve Analysis
आधुनिक आर्थिक विश्लेषण में उदासीनता वक्र विश्लेषण का महत्व दिनों दिन बढ़ता हा रहा है। लोक-कल्याणकारी राज्यों में इस विश्लेषण की सहायता से कई समस्याओं का समाधान ढूंढा जा सकता है। उदासीनता वक्र विश्लेषण के महत्व एवं इसके उपयोगों का निम्नांकित बिन्दुओं के अन्तर्गत अध्ययन किया जा सकता है
(1) उपभोग में महत्व - उदासीनता वक्र विश्लेषण की सहायता से उपभोक्ता की साम्यावस्था को ज्ञात किया जा सकता है। उपभोक्ता के दो विकल्पों के बीच पसन्दगी कम (Scale of Preference) को निर्धारित किया जा सकता है जिससे वह अपनी दी हुई आय से सन्तुष्टिके ऊँचे स्तर पर रह सके। इसके अतिरिक्त, उदासीनता वक्र से उपभोक्ता की बचत (Comsumer's Surplus) को भी मापा जा सकता है।
(2) उत्पादन के क्षेत्र में महत्व - उत्पादन के क्षेत्र में भी उदासीनता वक्र विश्लेषण का महत्वपूर्ण स्थान है। यहाँ समोत्पादक वक्र ( Isoproduct Curves) की सहायता से अध्ययन किया जाता है। ये वक्र उत्पादन के दो साधनों के विभिन्न संयोगों को प्रदर्शित करते हैं जिनमें प्रत्येक संयोग समान उत्पादन की मात्रा को व्यक्त करता है। उत्पादक इन विभिन्न सयोगों में से प्रत्येक के प्रति उसी प्रकार तटस्थ रहता है जिस प्रकार उपभोक्ता, क्योंकि इनमें से प्रत्येक संयोग समान उत्पादन देता है। उत्पादक विभिन्न संयोगों में से किसी एक संयोग का चुनाव करते समय तुलनात्मक लागत को मध्य- नगजर रखेगा।
( 3 ) विनिमय में महत्व - उदासीनता वक्र विश्लेषण की सहायता से विनिमय की समस्या का समाधान ढूँढ़ा जा सकता है। प्रायः वस्तु विनिमय के अन्तर्गत दो वस्तुओं विनिमय की सीमा निर्धारित की जा सकती है।
उदाहरणार्थ A तथा B व्यक्तियों के पास तथा Y दो वस्तुए हैं और वे आपस में इन दोनों वस्तुओं का विनिमय करना चाहते है । अतः इन दोनों व्यक्तियों की विनिमय साम्यावस्था उस बिन्दु पर स्थापित होगी जहाँ पर दोनों व्यक्तियों की सीमान्त प्रतिस्थापन दर समान हो अर्थात् दोनों व्यक्तियों के उदासीनता वक्र आपस में एक-दूसरे को स्पर्श करते हो।
( 4 ) राजस्व में महत्व - राजस्व के क्षेत्र में भी उदासीनता वक्र विश्लेषण का दिनोंदिन महत्व बढ़ता जा रहा है। राजस्व के अन्तर्गत कर निर्धारण में उदासीनता चक्रों की सहायता से उपभोक्ता के त्याग की दृष्टि से बिक्री कर अथवा उत्पादन कर श्रेष्ठहैं अथवा आयकर 1 संक्षेप में यह कहा जा सकता है कि अप्रत्यक्ष करों की अपेक्षा प्रत्यक्ष करों के लगायें जाने से उपभोक्ताओं को अधिक लाभ होता है ।
(5) राशनिंग के क्षेत्र में महत्व - आवश्यक वस्तुओं में व्याप्त संग्रह की प्रवृति एवं चोर बाजारी नियन्त्रित करने तथा उचित मूल्य की दूकारनों से इनका वितरण करने हेतू राशनिंग का प्रयोग किया जाता है। राशनिंग से उपभोक्ता अपनी इच्छानुसार उपभोग की वस्तुओं की मात्रा का क्रय नहीं कर सकता है जिसके परिणामस्वरूप उसके संतोश में कमी आ जाती है।
( 6 ) अनुदानों के प्रभाव की माप में महत्व - कल्याणकारी सरकार समय-समय पर पिछड़े एवं निर्धन वर्ग को ऊँचा उठाने हेतू आर्थिक सहायता (अनुदान) देती है। अनुदान देने से पूर्व सरकार अनुदान देने वाले वर्ग पर इसके प्रभावों की जाँच कर लेती है। इसका अध्ययन उदासीनता वक्र की सहायता से किया जा सकता है। सामान्यतः सरकार द्वारा दिये गये अनुदान दो वर्गों में विभक्त किये जा सकते हैं
(प) उपभोक्ताओं को कम कीमत पर वस्तुओं की पूर्ति करना,
(पप) नगदी सहायता देकर
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