विज्ञापन अनुसंधान का महत्व - Importance of advertising research

 विज्ञापन अनुसंधान का महत्व - Importance of advertising research


किसी भी वस्तु के विक्रय पर विज्ञापन के साथ-साथ अन्य अनेक घटकों का सामूहिक महत्व है। आज अनुसंधान का यह महत्त्वपूर्ण कार्य बन गया है कि यह घटकों के क्षेत्र में प्रभाव को नापने में योग दें आज के तीव्र प्रतिस्पर्धापूर्ण बाजार में अनेक उत्पादों के क्षेत्र में विज्ञापन एक महत्वपूर्ण परिवर्तनशील घटक है। विज्ञापन अनुसंधान की उस स्थान पर प्रमुख भूमिका होती है जहां प्रमुख व्यापार चिन्हों वाला उत्पाद व्यापक रूप से वितरित होता है तथा जिन उत्पादों के मूल्य एवं लक्षण तुलनात्मक होते हैं।


यह निश्चित करने के लिए कि क्या विज्ञापन की पुनरावृत्ति की जाये या उसमें परिवर्तन किया जाये, या उसको समाप्त किया जाये, यह जानना आवश्यक है कि विज्ञापन की उपलब्धिया क्या रही है? विज्ञापन के मूल्यांकन के संबंध में मूलतः दो आपत्तियां उठाई जाती हैं


(i) विज्ञापन अन्तर्ज्ञान पर आधारित एक कला है न कि अनुसंधान पर आधारित विषय तथा


(ii) विज्ञापन अनुसंधान के उद्देश्य किसी विषय की पुष्टि करना होता है और ऐसा होने पर विज्ञापन के कलात्मक तत्व लोप हो जाएंगे। प्रभावशाली विज्ञापन के लिए यह आवश्यक है कि उपभोक्ता की प्रवृत्ति एवं आदतों और उसकी आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की जाये। यह जानकारी केवल विज्ञापन अनुसंधान द्वारा की जा सकती है। इसके अंतर्गत यापि किसी कंपनी के बजट में विज्ञापन का खर्च कम होता है परन्तु एक राष्ट्र के सकल राष्ट्रीय उत्पादन के दृष्टिकोण से विज्ञापन पर किया जाने वाला कुछ व्यय अधिकांश विकसित एवं विकासशील राष्ट्रों में महत्वपूर्ण होता है। संयुक्त राज्य अमेरिका में विज्ञापन का कुल व्यय सकल राष्ट्रीय उत्पादन का तीन प्रतिशत है। अतः यह और भी अधिक आवश्यक हो जाता है कि विज्ञापन का मूल्यांकन किया जाय।