आर्थिक नीति का महत्व - importance of economic policy
आर्थिक नीति का महत्व - importance of economic policy
आर्थिक नीति के महत्व को इस प्रकार स्पष्ट किया जा सकता है।
(क) कीमतों पर नियंत्रण आर्थिक नीति के द्वारा देश में बढ़ी कीमतों पर नियंत्रण किया जा सकता है। इसका कारण यह है कि इसके अंतर्गत केंद्रीय एवं राज्य सरकार द्वारा यह ध्यान रखा जाता है कि अपने संसाधनों एवं कार्यक्रमों का कुशल संचालन एवं प्रबंध किया जाए। परिणामस्वरूप इससे न केवल लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि हमारी नीति की उपयोगिता को समझने में भी सहायता मिल सकेगी। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ बनाकर उसका विस्तार करके एवं कुशल प्रबंध के द्वारा कीमतों पर नियंत्रण किया जाता है।
(ख) रोज़गार के अधिक अवसर उपलब्ध करना आर्थिक नीति का महत्व रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए भी है। कदम उठाना, इस दिशा में अपरिहार्य हो गया है।
(ग) आर्थिक संकेंद्रण को कम करना:- समुचित आर्थिक नीतियां बनाने से देश में बड़े औद्योगिक घरानों की संपदा, आर्थिक शक्ति और आर्थिक संकेंद्रण को कम किया जा सकता है।
(घ) तीव्र आर्थिक विकास:- आर्थिक नीतियों के माध्यम से देश में तीव्र आर्थिक विकास होता है, क्योंकि इसके अंतर्गत देश में उपलब्ध संसाधनों का अनुकूलतम उपयोग कर अर्थतंत्र को घोषित दिशा दी जाती है। साधनों की सीमितता को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकताओं का निर्धारण कर अधिक महत्वपूर्ण परियोजनाओं को पहले पूरा किया जाता है। इसके अतिरिक्त आर्थिक नीति के आधार पर विकास के आधारभूत ढांचे का सुदृढ़ भी किया जाता है ताकि देश के भावी विकास का मार्ग प्रशस्त हो।
(ङ) नियोजित विकास को प्रोत्साहन विकासशील देशों ने तीव्र आर्थिक विकास के लिए नियोजन को अपनाया है। आर्थिक नीति से नियोजित विकास को प्रोत्साहन मिलता है, क्योंकि इसमें बनाई गई योजनाओं के अनुसार नीतियों में परिवर्तन किया जाता है, उन्हें सरल बनाया जाता है और कमियों को दूर किया जाता है।
(च) नागरिकों का अधिकतम सामाजिक कल्याण- आर्थिक नीतिया बनाने से देश के नागरिकों का अधिकतम सामाजिक कल्याण होता है। इसका कारण यह है कि देश में ऐसी नीतियां बनाई जाती है जिससे आय एवं संपत्तित का गरीब व्यक्तियों के पक्ष में वितरण हो। इसके अतिरिक्त आर्थिक साधनों का इस प्रकार उपयोग किया जाता है कि अधिकतम कल्याण की प्राप्ति हो ।
(छ) उत्पादन में वृद्धि - आर्थिक नीति से उत्पादन में भी वृद्धि होती है, क्योंकि -
कृषि नीति ऐसी बनाई जाती है कि किसानों को उनकी उपज की उचित कीमत मिले और वे अधिक उत्पादन के लिए प्रोत्साहित हो ।
• औद्योगिक नीति इस प्रकार बनाई जाती है कि देश में तेजी से औद्योगिक विकास हो,
• उत्पादन बढ़े और जनता का उपयोग की वस्तुओं उपलब्ध हो। इसके साथ ही आधारभूत उद्योगों का विकास भी हो।
• वाणिज्य नीति भी इस प्रकार बनाई जाती है जिससे निर्यात बढ़े और आयात को सीमित करने में मदद मिले।
• राजकोषिय नीति ऐसी होती है, जिससे उत्पादन विपरीत रूप से प्रभावित नहीं होता है।
(ज) विदेशी निजी विनियोजनों में वृद्धि समुचित आर्थिक नीतियों के माध्यम से विदेशी निजी विनियोजनों में वृद्धि की जा सकती है।
(झ) निर्यात में वृद्धिः-आर्थिक नीतियों से देश के निर्यातों में वृद्धि होती है, क्योंकि इससे भुगतान असंतुलन का सामना किया जा सकता है।
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