मानव संसाधन प्रबंधन का महत्व - Importance of Human Resource Management
मानव संसाधन प्रबंधन का महत्व - Importance of Human Resource Management
मानव संसाधन सदैव से ही संगठनों के केन्द्र बिन्दु रहे हैं, किन्तु वर्तमान के ज्ञान एवं सूचना प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों में उसका महत्व निरंतर बढ़ रहा है। किसी संगठन की सफलता में वृद्धि का मूल कारण उसके कर्मचारियों का ज्ञान, कौशल एवं क्षमता (KSAs-knowledge, skills, abilities) है जो संगठन की उन मूलभूत सक्षमताओं का एक वृत्त ( set of core competencies) तैयार करने में सहायक होते हैं जिसके माध्यम से वह संगठन, सर्वोत्तम मानव संसाधनों की अधिप्राप्ति, विकास एवं सदुपयोग, निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति तथा दूसरे संगठनों से बेहतर परिणाम दे सकता है।
व्यावसायिक परिपेक्ष्य में मानव संसाधन प्रबंधन एक अति संवेदनशील एवं महतवपूर्ण प्रबंधकीय कार्य है। इसका मुख्य कारण यह है कि किसी भी संगठन को प्रतिस्पर्धी बढ़त (competitive advantage) उसके मानव संसाधनों के प्रयासों तथा उनके कुशल निर्देशन के माध्यम से प्राप्त होती है,
अर्थात् उनका प्रबंधन, मानव संसाधन प्रबंधन की ही विषयवस्तु एवं क्षेत्र है। किसी संगठन को प्रतियोगात्मक लाभ तब मिलता है जब वह ऐसे उचित मूल्य एवं उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद एवं सेवाएं प्रदान करने में सक्षम होता है जो कि उसके प्रतियोगियों के लिए संभव नहीं होता है।
मानव संसाधनों के माध्यम से यह प्रतियोगात्मक लाभ निम्नलिखित प्रकार से मिलते है:
1. मानव संसाधन अपने कौशलों, क्षमताओं, व्यवस्थाओं, तंत्रों, गति, भाषा, संबद्धता, कार्य प्रणाली एवं व्यवहार के माध्यम से संगठन की रणनीतियों पर कार्य करते हैं तथा परिणाम देते है।
व्यप्देशी/ नैतिक क्रियान्वयन (strategic/ ethical implementation), भौतिक संसाधनों, जैसे यंत्र, प्रौद्योगिकी, भवन, कच्चे माल आदि द्वारा अपने आप स्वतः संभव नहीं है। इन संसाधनों के उचित प्रयोग हेतु रणनीति बनाने और उस पर कार्य करने का काम मानव संसाधन ही करते हैं।
2. मानव संसाधन योजनाओं ( HR plans) को व्यावसायिक योजनाओं के साथ एकीकृत एवं पंक्तिबद्ध करने के कारण मानव संसाधन प्रबंधक संगठन में व्यपदेशी सहभागी की भी भूमिका निभाते है।
3. नवाचार (innovation) होता है। यह नवाचार भौतिक एवं वित्तीय संसाधनों द्वारा नहीं,
अपितु मानव संसाधनों द्वारा ही संभव है। इस संदर्भ में गूगल (google) कंपनी का उदाहरण उल्लेखनीय है। नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए गूगल ने उपने कर्मचारियों को 10/20/70* नाम के एक अनोखे नियम का पालन करने का आग्रह किया है। इस नियम के अनुसार कर्मचारी अपने दैनिक कार्यालयी समय में से 70 प्रतिशत समय अपने निर्धारित कार्यों लिए, 20 प्रतिशत समय निरंतर नवाचार के लिए तथा 10 प्रतिशत समय संगठन के ऐसे किसी भी कार्य क्षेत्र में समय- समय पर नवाचार के लिए जिसमें उनकी उत्पादकता प्रमाणित हो, देना चाहिए।
4. मानव संसाधन कार्य, किसी विपरित परिस्थिति को सुअवसर में परिवर्तित करने का प्रयास करता है। मानव संसाधन प्रबंधक ज्यादातर नीति संबंधित भूमिकाओं में,
कर्मचारी असंतुष्टि संबंधित मध्यस्थताओं में, रोजगार संबंधी अधिनियम के पालन में तथा अपेक्षित कार्य व्यवहार संबंधी मानकों को लागू करने आदि प्रक्रियाओं में उलझे रहते हैं। इससे भी आगे बढ़कर मानव संसाधन प्रबंधन अपना ध्येय कर्मचारियों की उन कार्य-संबंधी कमियों एवं बाधाओं को दूर करना मानता है, जो उनके बेहतर निष्पादन को प्रभावित करती हैं। इन सभी समस्याओं को अनदेखा किए बिना वर्तमान समय के मानव संसाधन प्रबंधक और भी अधिक सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं। जैसे -किस प्रकार से अपने कर्मचारियों के लिए अधिक से अधिक कर के संगठन की आय को बढाया जाए, कर्मचारी की किसी गंभीर अक्षमता कमी को दूर करने के बजाय, उसकी क्षमताओं के आधार पर उसे कौन सी नई एवं .. भूमिका दी जाए। उदाहरण के लिए काउपयुक्तर्य मूल्यांकन के परिणामों में यदि वित्त विभाग के किसी कर्मचारी का संबंधित क्षेत्र में ज्ञान उपयुक्त नही पाया जाता है, किन्तु उसमें विपणन क्षेत्र से संबंधित पर्याप्त रचनात्मक कौशल हैं तो उसे विपणन से संबंधित एक बड़ी एवं जिम्मेदार भूमिका सौंपी जा सकती है, जिससे संगठन को विदेशी बाजार में भी अपना व्यवसाय फैलाने का अवसर मिल सकता है।
5. संगठनात्मक संरचना हमेशा के लिए स्थिर नहीं (al design organisation) रहती है तथा समय के साथ-साथ उसमें परिवर्तन की आवश्यकता होती है। पर्यावरणीय परिवर्तन, संगठनात्मक संरचना में भी परिवर्तन की मांग करते हैं। संरचना में परिवर्तन के साथ ही संगठन, अनिश्चितता परिहार तंत्र (uncertainty avoidance mechanism), विभेदन तंत्र ( differentiaon mechanism) तथा एकीकरण तंत्र (integration mechanism) को अपनाते हैं जिससे पर्यावरणीय परिवर्तनों का सामना किया जा सके।
6. मानव संसाधन अधिकारी / अधिशासी (HR executive ) अब परिवर्तन प्रबंधन (change mangement) में भी प्रभावशाली भूमिका का निर्वहन कर रहा है।
परिवर्तन प्रबंधन किसी भी संगठन की सफलता के लिए महत्वपूर्ण है। परिवर्तन अभिकर्ताओं (change agents) के माध्यम से संगठन भविष्य में होने वाले परिवर्तनों को देख पाने में तथा उनका पूर्वानुमान कर पाने में सक्षम होते हैं। वहीं दूसरी ओर निष्क्रिय संगठन, अर्थात् परिवर्तनों का पूर्वानुमान कर पाने में अक्षम संगठन आकस्मिक परिवर्तनों से उद्वेलित होकर उनके आगे असहाय महसूस करते हैं तथा प्रगतिशील संगठनों से स्पर्धा में पिछड़ जाते हैं।
व्यावसायिक संगठन परिवर्तनों का सामना करने के लिए सामान्यतः तीन प्रकार की प्रक्रिया अपनाते हैं। पहल परिवर्तन (initiative changes), नए कार्यक्रमों, नई परियोजनाओं तथा प्रक्रियाओं के क्रियान्वयन पर केद्रित होते हैं, जैसे- संगठनात्मक संरचना, गुणवत्ता सुधार प्रयास तथा लागत न्यूनता कार्यक्रम आदि। प्रक्रिया परिवर्तन (process change), किसी संगठन में विभिन्न प्रकार के कार्यों के संपादन-शैली में परिवर्तन पर केन्द्रित हैं। व्यवसाय करने की मूलभूत एव परंपरागत शैलियों तथा सोच में परिवर्तन को सांस्कृतिक परिवर्तन (cultural change) माना जाता है। इन सभी प्रकार के परिवर्तनों में मानव संसाधन अधिकारियों की भूमिका स्पष्ट एवं महत्वपूर्ण है।
वार्तालाप में शामिल हों