निष्पादन की असंभवता - impossibility of execution

निष्पादन की असंभवता - impossibility of execution


असंभव कार्य को करने का ठहराव स्वतः व्यर्थ होता है।


भारतीय अनुबंध अधिनियम की धारा 56 के अनुसार, “ऐसे कार्य करने का अनुबंध जो अनुबंध करने के पश्चात असंभव हो गया हो अथवा किसी घटना के घटित होने पर अवैधानिक हो गया हो, उस समय व्यर्थ हो जाता है, जबकि कार्य असंभव अथवा अवैधानिक हो गया हो।"


उदाहरण के लिए, सचिन तथा सोहन दोनों आपस में विवाह करने का अनुबंध करते हैं, किन्तु विवाह के समय से पहले ही सचिन पागल हो जाता है। यह अनुबंध व्यर्थ अहि