भारत की निर्यात नीति - India's Export Policy

भारत की निर्यात नीति - India's Export Policy


स्वतंत्रता प्राप्ति से पहले ब्रिटिश शासनकाल के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था काफी कमजोर हो गई थी इसलिए स्वतन्त्रता के पश्चात भारतीय अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण के लिए विकास उन्मुख नीतियों की आवश्यकता थी। परिणामस्वरूप भारत की निर्यात नीति, निर्यातों को प्रोत्साहित करने की रही है।


भारत सरकार की निर्यात नीति को निम्न चरणों में बांट सकते है = (क) 1952 से 1956 की अवधि 1952 से 1956 तक की अवधि में निर्यात को महत्व नहीं दिया। परिणामस्वरूप परम्परागत निर्यात कम होते गए तथा गैर परम्परागत निर्यात नहीं बढ़े।


इसके मुख्य कारण निम्नलिखित है-


(i) घरेलू मांग की वृद्धि


(ii) निर्यातों पर अधिकतम दर से कर तथा


(iii) निर्यात नियन्त्रण।


(ख) 1966 की अवधि 1966 में रूपए का अवमूल्यन किया गया यह धारणा थी कि निर्यात स्वतः बढ़ेंगे। इसलिए निर्यात रियायतें कम कर दी गई। इसका निर्यात वृद्धि पर विपरीत प्रभाव पड़ा। फलस्वरूप निर्यात रियायतों को दोबारा लागू किया गया यह स्थिति 1973 तक चलती रही।


(ग) 1973 की अवधि 1973 में तेल संकट का सामना करना पड़ा। यह स्वीकार किया गया कि भुगतान शेष की समस्या का समाधान आयात प्रतिस्थापन द्वारा संभव नहीं है

इसलिए निर्यात वृद्धि नीतिया लागू करनी चाहिए। परिणामस्वरूप व्यापार नीति में निर्यातो को प्राथमिकता दी गई।


(घ) 1991 की अवधि 1991 में नए आर्थिक सुधार लागू किए गए आर्थिक उदारीकरण के कारण व्यापार नीति में परिवर्तन किए गए कुछ महत्त्वपूर्ण परिवर्तन निम्नलिखित है-


(i) आयात की कर प्रणाली को सरल बनाया गया। आयातों के लिए अब केवल दो लाइसेंस हैं- अग्रिम लाइसेंस और विशेष आयात लाइसेस शेष लाइसेंस समाप्त कर दिया गये हैं।


(ii) अग्रिम लाइसेंस प्रणाली को मजबूत बनाया गया। नकारात्मक सूची लगातार कम की जा रही है।


(iii) नकद मुआवजा सहायता समाप्त कर दी गई।


(iv) सीमा शुल्कों में भारी कटौती कर दी गई।


(v) कई मदों में निर्यात गृहों तथा व्यापार गृहों को आयात प्रदान कर दी गई है। 51 प्रतिशत विदेशी इक्विटी के साथ व्यापार गृहों की स्थापना की भी अनुमति दे दी गई।


(vi) निर्यात उन्मुख इकाइयों तथा निर्यात प्रोसेसिंग क्षेत्र को अधिक सुविधाएं दी गई।


(vii) केवल सरकारी एजेंसियों के माध्यम से आयात और निर्यात की जाने वाली वस्तुओं की संख्या को कम कर दिया गया है। इसमें अब केवल आठ वस्तुओं को शामिल किया गया है।