भारत की विदेशी व्यापार नीति - India's foreign trade policy

भारत की विदेशी व्यापार नीति - India's foreign trade policy


विदेशी व्यापार नीति की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित है (i) विश्व व्यापार में भारत के निर्यात हिस्से में वृद्धिः- सन 2015 में विश्व व्यापार में भारत का हिस्सा $310 बिलियन है और $340 बिलियन का लक्ष्य निर्धारित किया गया।


(ii) विशेष कृषि निर्यातों की ओर विशेष ध्यान:- कृषि उपजों के निर्यात में वृद्धि करने के लिए विशेष वृद्धि योजना आरम्भ की गई। 


(iii) पाँच परम्परागत निर्यातों की ओर विशेष ध्यान निर्यातों को रोजगारोन्मुख बनाये जाने का उद्देश्य इसलिए पाच परम्परागत नियाँतों की ओर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जैसे- (1) कृषि (ii) हस्तशिल्प, (iii) हथकरघा, (iv) चमडा व फुटवियर तथा (v) रत्नों एवं आभूषणों का निर्यात


(iv) सेवाओं के निर्यातकों को प्रोत्साहन सेवाओं के निर्यातकों के लिए शुल्क मुक्त आयात की सुविधा दी गई।


(v) सर्व्ह फॉर्म इंडिया योजना सेवाओं के निर्यात में वृद्धि की जाएगी। इसके लिए सर्ल्ड फॉर्म इंडिया योजना शुरू की गई है।


(vi) सेवा निर्यात संवर्द्धनपरिषद का गठन सेवाओं के निर्यात के लिए नई सेवा निर्यात संवर्द्धन परिषद का गठन किया जाएगा।


(vii) स्टार निर्यात घराने का दर्जा स्टार निर्यात घराने का दर्जा आरम्भ किया जाएगा। इसके लिए एक स्टार से 5 स्टार तक प्रदान किए जाएंगे।


(viii) सेवा कर से मुक्ति निर्यात लागत कम की जाएगी। इसके लिए निर्यात क्षेत्र को सेवा कर से मुक्त कर दिया जाएगा।


(ix) ई.पी.सी.जी. योजना का उदारीकरण:- पूँजीगत वस्तुओं के निर्यात में वृद्धि की जाएगी। इसके लिए ई.पी.सी. जी. योजना को उदार बनाया जाएगा।


(x) डी.ई.पी.बी. योजना जारी ड्यूटी एटाइटिलमेट पास बुक योजना को वर्तमान में जारी रखा जाएगा। नई योजना द्वारा इसे बदल दिया जाएगा।


(xi) पुरानी मशीनों के आयात का आरम्भ- - पुरानी मशीनों के आयात पर लगा प्रतिबंध समाप्त कर दिया जाएगा। इससे पुरानी मशीना का आयात आरम्भ हो सकेगा।


(xii) टारगेट प्लस योजना:- निर्यातकों के लिए टारगेट प्लस योजना आरम्भ की गई है। इसके अनुसार निर्यातक शुल्क मुक्त ऋण प्राप्त कर सकेंगे। 


(xiii) फी ट्रेड एण्ड वेयर हाउसिंग जोन्स की स्थापना इसकी स्थापना विशेष आर्थिक क्षेत्रा की तरह की जाएगी। इससे मुक्त व्यापार में वृद्धि की जा सकेगी।


(xiv) हथकरघा विशेष आर्थिक जोन कर स्थापना:- हथकरघा क्षेत्र का विकास किया जाएगा। इसके लिए नए हथकरघा विशेष आर्थिक जोन की स्थापना की जाएगी।