औद्योगिक लाइसेंस व्यवस्था - industrial license system

औद्योगिक लाइसेंस व्यवस्था - industrial license system


लाइसेंस व्यवस्था एक प्रकार की वह नीति है, जिसमें उद्योगों की स्थापना की अनुमति आज्ञा - पत्र के आधार पर दी जाती है। सामान्यतः इसमें उद्योगों की क्षमता, स्थापना का स्थान, वस्तु का नाम व किस्म आदि का विवरण दिया जाता है।


'लाइसेंसिंग व्यवस्था के अपनाने का एक उद्देश्य आर्थिक योजनाओं की प्राथमिकताओं के अनुसार निजी औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, विस्तार व प्रभुत्व पर सरकारी नियंत्रण रखना है ।" भारतवर्ष में औद्योगिक लाइसेंसिंग व्यवस्था को अपनाने का एक और उद्देश्य है और वह है क्षेत्रीय असमानताएं कम करना व आर्थिक शक्ति के केंद्रीयकरण व एकाधिकारी प्रवृत्ति को रोकना। संक्षेप में लाइसेंसिंग व्यवस्था अपनाने के मुख्यतः निम्नलिखित पांच उद्देश्य है- 


(i) उपलब्ध संसाधनों का उचित विदोहन करना,


(ii) औद्योगिक विकास आर्थिक नियोजन की प्राथमिकताओं के अनुरूप करना, 


(iii) औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, विस्तार, प्रभुत्व पर सरकारी नियंत्रण रखना,


(iv) आर्थिक शक्ति के केंद्रीयकरण व एकाधिकारी प्रवृत्ति को रोकना,


(v) क्षेत्रीय औद्योगिक असमानताओं को कम करना। 


भारत में इस कार्य के लिए मुख्यतया दो अधिनियम है एक औद्योगिक (विकास एवं नियमन) अधिनियम, 1951 व दूसरा एकाधिकारी एवं प्रतिबंधात्मक व्यापारिक व्यवहार अधिनियम ।