विपणन अनुसंधान से प्राप्त सूचनाएं - information from marketing research

विपणन अनुसंधान से प्राप्त सूचनाएं - information from marketing research


बायड तथा वेस्टफल का मत है कि आधुनिक व्यवसाय की अनेक विशेषताओं ने व्यवसाय में विपणन अनुसंधान के उपयोग को बढ़ा दिया है।


प्रथम उत्पाद एवं सेवाओं के पूर्तिकर्ता को अंतिम उपभोक्ताओं के बारे में सूचनाओं की आवश्यकता होती है ताकि उनके प्रभावी तरीके से बाजार में प्रस्तुत किया जा सके। द्वितीय, जैसे ही एक कंपनी में अभिवृद्धि होती है तथा यह विभिन्न बाजारों में अपने उत्पादों का वितरण प्रारम्भ करती है उस कंपनी के प्रबंधक स्वयं को अपने उत्पादों के अंतिम उपभोक्ताओं से बहुत दूर तथा पृथक महसूस करते है। इनका मत है कि अपने अंतिम उपभोक्ताओं के बारे में विपणन प्रबंधकों को प्राय निम्न पाँच प्रकार की सूचनाओं की आवश्यकता होती है


(i) लक्षित बाजार - संगठन द्वारा प्रस्तुत की जा रही सेवाओं तथा उत्पादों के लिए सर्वोत्तम लक्षित बाजार क्या है? लक्षित बाजार कितना बढ़ा है तथा उसका कैसे वर्णन किया जा सकता है? उसके सदस्यों की मनोवृत्तियो, प्राथमिकताएं राय तथा जीवनशैली क्या है? आदि ।


(ii) उत्पाद / सेवा- विशेष उत्पादों तथा सेवाओं के संदर्भ में सूचना कि लक्षित बाजार में उपभोक्ता वर्तमान उत्पाद या सेवा से किस सीमा तक सतुष्ट या असतुष्ट है? उपभोक्ता इन सेवाओं तथा उत्पादों में किस प्रकार के लक्षण एवं लाभ चाहते है? वे संगठन के उत्पादों की अन्य प्रतिस्पर्धायों के साथ किस प्रकार तुलना करते हैं?


(iii) कीमत - लक्षित बाजार स्थान मे उत्पाद की कीमत कितना महत्व रखती है?

किन उत्पादों को ये स्थानापन्न उत्पादों से बदलना चाहते है उन स्थानापन्न उत्पादों के लिए क्या कीमत वसूल की जाती है? बेहतर विशेषताओं तथा लाभों के कारण क्या संगठन अपने उत्पादों की ज्यादा कीमत वसूल कर सकता है?


(iv) वितरण - लक्षित बाजार में किस प्रकार की वितरण वाहिका का प्रयोग किया जाना उपयोगी हो सकता है जबकि उत्पाद का करण विचारणीय होता है? क्या लक्षित बाजार में संगठन की कीमत रेखा वितरण वाहिका के संदर्भ में उचित है? क्या कीमत निर्धारण में वितरण वाहिका का मार्जिन सम्मिलित है? क्या उत्पाद के लिए वांछित सेवा या समर्थन हेतु वितरण वाहिका उपर्युक्त रहेगी?


(v) संवर्द्धन - संगठन अपने विज्ञापनों में अपने उत्पादों के बारे में क्या कह सकता है

जो लक्षित बाजार में अपील करेगा तथा उपभोक्ता को प्रतिस्पर्धियों की तुलना में संस्था के उत्पाद के क्रयण हेतु आकर्षित करेगा किस माध्यम के द्वारा संगठन को विज्ञापन करना चाहिए? कितनी बार विज्ञापन अपील की जानी चाहिए तथा संगठन को विज्ञापन पर कितना व्यय करना चाहिए? क्या वैयक्तिक विक्रय का उपयोग किया जाना चाहिए? किस प्रकार के संवर्द्धन प्रयासों का लक्षित बाजार पर अनुकूल प्रभाव हो सकता है?


बायड तथा वेसटफॉल का मत है कि अधिकांश संगठनों में विपणन प्रबंधकों की उपरोक्त प्रश्नों के उत्तरों की आवश्यकता होती है जिनमें से अधिकांश का उत्तर अंतिम उपभोक्ताओं से प्राप्त किया जा सकता है। चूँकि अधिकांश प्रबंधक अपने अंतिम उपभोक्ताओं से बहुत दूर होते हैं, अतः ये निर्णयन हेतु विपणन अनुसंधान के द्वारा सूचनाओं को प्राप्त करने की और तेजी से मुड़ रहे हैं।


राजन सक्सेना का मत है कि विपणन अनुसंधान सफल विपणन व्यूहरचनाओं तथा कार्यक्रमों के निर्माण का आधार है यह कंता व्यवहार, उपभोक्ता की जीवनशैली में परिवर्तन, उपभोग प्रवृत्ति, बॉण्ड निष्ठा तथा बाजार परिवर्तनों के पूर्वानुमान का अध्ययन का एक महत्वपूर्ण उपकरण है। इनके अतिरिक्त प्रतिस्पर्धा का अध्ययन करने, प्रतिस्पर्धियों के उत्पादों का विश्लेषण करने तथा प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्राप्त करने हेतु भी अनुसंधान का प्रयोग किया जाता है। बॉण्ड इक्विटी का निर्माण कराने तथा उसे बढ़ाने में भी विपणन अनुसंधान का उपयोग किया जाता है। आदित्य पामर का मत है कि एक फर्म के लिए प्रतिस्पर्धात्मक लानों को प्राप्त करने का महत्वपूर्ण स्रोत सूचना' है और इस सूचना को प्राप्त करने का साधन विपणन अनुसंधान है जिसके द्वारा प्रबंधक सतत् अपने व्यवसाय को अपने बाजारों के साथ संपर्क में रखते हैं।


उपर्युक्त विवरण के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि 'विपणन अनुसंधान का उपयोग बाजार की विशेषताओं का मापने पूर्वानुमानों हेतु वांछित सूचनाओं को प्राप्त करने, नये उत्पाद विचारों का मूल्यांकन करने तथा विद्यमान उत्पादों का सुधार करने, प्रबंधकों को बेहतर विज्ञापन तथा संवर्द्धन निर्णय लेने में सहायता करने तथा अनेक अन्य लक्ष्यों के लिए किया जाता है विपणन अनुसंधान का उपयोग प्रशासनिक प्रक्रिया के चारों चरणों में व्यूहरचना. निर्माण से विपणन योजनाओं की प्रभावशीलता के मूल्यांकन तक किया जाता है। उच्च स्तर पर बढ़ती कृत्रिमता तथा अधिकांश कंपनियों द्वारा स्वयं ही विपणन सूचना पद्धति के विकास एवं उपयोग के साथ विपणन अनुसंधान की भूमिका निरंतर बढ़ती जा रही है।