अंतरराष्ट्रीय उत्पाद रणनीतिया - international product strategies

अंतरराष्ट्रीय उत्पाद रणनीतिया - international product strategies


अंतरराष्ट्रीय उत्पाद रणनीतियों से संबंधित निम्न विषयों पर निर्णय लिए जाते हैं एकरूपता बनाम अनुरूपता बाडिग पैकेजिंग निम्नलिखित है:


एकरूपता बनाम अनुरूपता


कुछ वैश्विक कंपनियाँ सभी देशों के लिए एकरूप उत्पाद बनाती हैं। इसमें भेदहीन विपणन रणनीतियां अपनायी जाती है यह दृष्टिकोण संपूर्ण विश्व को एक एकाकी बाजार मानता है। इसमें वैश्विक कंपनी वैश्विक बाजार के लिए प्रमापित उत्पाद का विपणन करती है कंपनी अपने उत्पाद की एक समान छवि प्रस्तुत करते हुए विश्वव्यापी प्रमापित उत्पाद तैयार करती है जैसे कोकाकोला, पेप्सी सॉफ्ट ड्रिंक्स प्रमापित उत्पाद बनाती है, बस थोड़ा सा मिठास के स्तर में अंतर किया जाता है परंतु समय के साथ-साथ प्रतिस्पर्धा के बढ़ने से वैश्विक कंपनी भेदभावपूर्ण उत्पाद रणनीति को अपना लेती है।

अर्थात वैश्विक कंपनी विभिन्न देशों के विपणन वातावरण में भिन्नता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न देशों में भिन्न-भिन्न विपणन रणनीतियां अपनाती है। इसमें विभिन्न देशों की स्थानीय आवश्कताओं, रूचि, पसंद, फैशन में अंतर को ध्यान में रखते हुए विभिन्न देशों के अनुरूप उत्पाद बनाए जाते हैं अर्थात अनुरूप उत्पाद रणनीति अपनाई जाती है जैसे मैक्डोनल्ड जो एक अमेरिकन कंपनी है, भिन्न-भिन्न देशों में भिन्न-भिन्न तरह की खाद्य आदतों संस्कृति, स्वाद को ध्यान में रखते हुए भिन्न-भिन्न तरह के व्यंजन बनाती है यूरोपियन देशों में यह मुख्य तौर पर मांसाहारी व्यंजन बेचती है, जबकि एशियन देशों में मुख्य तौर पर शाकाहारी व्यंजन बेचती है। प्रमापरूपता के पक्ष में तर्क या एकरूपता होती है।


रणनीति भी एक जैसी होती है। विक्रयकर्ताओं को भिन्न उत्पादों के लिए भिन्न प्रकार के प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं होती।


(i) इस रणनीति में उत्पादन लागत कम होती है क्योंकि एक ही तरह के उत्पादों को बड़े पैमाने पर बनाया जाता है, जिससे बड़े पैमाने की बचते प्राप्त 


(ii) इस रणनीति में विपणन लागत कम होती है क्योंकि एक ही तरह का विज्ञापन कार्यक्रम सभी देशों में चलाया जाता है वितरण व वैयक्तिक विक्रय


(iii) ऐसी रणनीति में संगठनात्मक ढाचा सरल होता है इस रणनीति का प्रशासन भी कम जटिल होता है एक जैसे उत्पाद होने के कारण वैश्विक कंपनी को भिन्न-भिन्न उत्पादों के लिए भिन्न-भिन्न उत्पादन इकाइया स्थापित करने की व अलग-अलग स्टॉक रखने की आवश्यकता नहीं पड़ती। 


(iv) इस रणनीति में कम निवेश की आवश्यकता होती है।


(v) औद्योगिक उत्पादों की दशा में यह रणनीति बहुत उचित है क्योंकि प्राय एक ही प्रकार के औद्योगिक उत्पाद विभिन्न देशों में बेचे जाते हैं।


(vi) विश्वव्यापी उत्पादों, जैसे- कैलकुलेटर, घडिया, कम्प्यूटर आदि में लिए यह रणनीति बहुत उचित है यहां विश्वव्यापी उत्पादों का तात्पर्य ऐसे उत्पादों से है जो विश्व में एक समान विशेषताओं के साथ प्रयोग किए जाते है सभी देशों में इन उत्पादा की आवश्यकताओं की प्रवृत्ति एक जैसी है। 


(vii) यदि मूल देश की किसी उत्पाद विशेष के लिए विश्व में अच्छी छवि है तो प्रमापरूप उत्पाद रणनीति बहुत उचित है जैसे - जापान को इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों जर्मनी की इंजीनियरिंग उत्पादों फांस की फैशन वाले उत्पादों के लिए अच्छी छवि है। अतः इन उत्पादों के निर्माणकर्ता इन उत्पादों के लिए प्रमापरूप उत्पाद रणनीति अपना सकते हैं।


अनुरूप उत्पाद रणनीति के पक्ष में तर्क


(i) प्राय विभिन्न देशों के उपभोक्ताओं की पसंद, रूचि प्राथमिकता में अंतर होता है। अंत वैश्विक कंपनिया इन विभिन्न आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भिन्न भिन्न प्रकार के उत्पाद बनाती हैं। इससे उपभोक्ता के संतुष्टि स्तर में वृद्धि होती है। 


(ii) यदि विभिन्न देशों में सांस्कृतिक अंतर बहुत अधिक है तो उत्पाद की विशेषताओं में समायोजन अत्यावश्यक है, जैसे स्त्रियों के लिए सिले सिलाए वस्त्र बेचने वाली वैश्विक कंपनी मुस्लिम देशों व यूरोपियन देशों में एक ही प्रकार के वस्त्र नहीं बेच सकती इस कंपनी को इन दोनों प्रकार के देशों की संस्कृति को ध्यान में रखते हुए उनके अनुरूप उत्पाद रणनीति अपनानी होगी। इसी प्रकार विभिन्न देशों में वातावरणीय दशाएं भिन्न-भिन्न होती है। अतः इस वैश्विक कंपनी को इसके अनुरूप ही उत्पाद बनाने होगे। 


(iii) यदि विभिन्न देशों में आर्थिक दशाए, जैसे प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय आय जीवन स्तर कय क्षमता आदि एक समान नहीं है तो इन विभिन्नताओं को ध्यान में रखते हुए अनुरूप उत्पाद रणनीति अपनानी होगी जिस देश में आर्थिक समृद्धि अधिक है

कय क्षमता अधिक है, जीवन स्तर ऊंचा है, वहां विलासितापूर्ण विशेषताओं वाले उत्पाद बेचे जाएंगे, जबकि कम प्रति व्यक्ति आय वाले देशों में कम कीमत वाले उत्पाद बेचे जाएंगे।


(iv) कई बार कुछ देशों में सरकार किसी उत्पाद विशेष के आयात पर प्रतिबंध लगा देती है। ऐसे में वैश्विक कंपनी उस उत्पाद का निर्यात उस देश में नहीं कर सकती। ऐसी स्थिति में वैश्विक कंपनी सहायक इकाई स्थापित करती है वह सहायक कंपनी उस मेजबान देश की स्थानीय आवश्यकताओं में अनुरूप उत्पाद बना कर वहां बेचती है अर्थात् ऐसी स्थिति में अनुरूप उत्पाद रणनीति अपनायी जाती है।


प्रमापरूपता व अनुरूपता के मध्य समायोजन


किसी भी वैश्विक कंपनी के लिए प्रमाप रूप या अनुरूप रणनीति संबंधी निर्णय लेना बहुत ही कठिन है। कई बार इसे दोनों रणनीतियों के मध्य समायोजन भी करना पड़ता है। अंतरराष्ट्रीय विपणन प्रबंधकों के पास ऐसी स्थिति में तीन रास्ते होते है इनकी चर्चा निम्नलिखित है-


(i) एथनोसेंट्रिक दृष्टिकोण इस दृष्टिकोण में वैश्विक कंपनी ने अपने मूल देश में जो उत्पाद विपणन तकनीक एवं रणनीतिया अपना रखी है. वही उसी रूप में विदेशी बाजार में भी लागू होती हैं। विदेशी बाजार को केवल घरेलू बाजार के विस्तार के रूप में ही देखा जाता है। सभी विदेशी बाजारों में घरेलू बाजार वाली नीतियाँ ही अपनायी जाती है।


(ii) पोलिसेंट्रिक / क्षेत्रीयसेंट्रिक दृष्टिकोण इस दृष्टिकोण के अंतर्गत वैश्विक कंपनी अपनी अंतरराष्ट्रीय विपणन कियाओं को भिन्न-भिन्न देशों के अनुसार संगठित करती है। प्रत्येक देश को एक पृथक बाजार माना जाता है। प्रत्येक देश के लिए अलग विपणन रणनीतियां बनायी जाती है। प्रत्येक विदेशी बाजार में सहायक इकाइयां स्थापित की जाती है। प्रत्येक सहायक इकाई स्वतंत्र रूप से अपने विपणन कार्यक्रम बनाती है। स्थानीय विपणन प्रबंधक स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार रणनीतियाँ बनाते है ऐसे दृष्टिकोण में वैश्विक कंपनी के पास विभिन्न देशों में दीर्घकालीन प्रवेश हेतु निवेश के लिए पर्याप्त साधन होने चाहिए।


(iii) भूकेंद्रित दृष्टिकोण: इस दृष्टिकोण के अंतर्गत वैश्विक कंपनी विश्वव्यापी विपणन दृष्टिकोण अपनाती है वैश्विक कंपनी विभिन्न देशों के उपभोक्ताओं की पसंद, रूचि, नापसंद, प्राथमिकताओं में समानता को ढूंढती है। इन समानताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसे प्रमापित उत्पादों का विपणन करती है, जो सभी राष्ट्रीय बाजारों में बेचे जा सकते हैं। कोका कोला सॉफ्ट ड्रिंक इस विपणन रणनीति को अपनाती है यह दृष्टिकोण समस्त विश्व को एक बाजार मानता है। इसमें प्रमापित विपणन सम्मिश्र अपनाया जाता है। अर्थात् सभी देशों उत्पाद कीमत, वितरण तथा संबंधी रणनीतिया एक जैसी होती हैं।