ब्राण्ड पहचान का परिचय - Introduction to Brand Identity
ब्राण्ड पहचान का परिचय - Introduction to Brand Identity
ब्रांड पहचान व्यक्तिगत घटकों का एक सेट है, जैसे नाम, डिजाइन, कल्पना का एक सेट, एक नारा, एक दृष्टि, आदि का समावेश है। जो ब्रांड को दूसरों ब्रांड से अलग कर अपनी एक पहचान दिलाने में मदत करता है एक कंपनी के लिए ब्रांड पहचान की एक मजबूत भावना को व्यक्त करने के लिए लक्ष्य बाजार, प्रतियोगियों और आसपास के कारोबारी माहौल की गहन समझ होनी चाहिए और साथ ही अपनी उपभोक्ता के बदल हुए विचार , भावना, पसंद, और व्यापार की भी समझ होनी चाहिए| ब्रांड पहचान में दोनों पहचान होती है एक होती है आन्तरिक / मूल पहचान और एक होती है विस्तारित पहचान |
आन्तरिक / मूल पहचान:- मूल पहचान ब्रांड के साथ लगातार दीर्घकालिक संघों, विश्वाश, और नितियोको को दर्शाती है।
विस्तारित पहचान:- विस्तारित पहचान में ब्रांड के जटिल विवरण शामिल होते हैं, जो लगातार मकसद के निर्माण में मदद करते हैं।
विपणन क्षेत्र के प्रसिद्ध लेखक फिलिप कोटलर (२००९) के अनुसार, एक ब्रांड की पहचान चार स्तरों का अर्थ दे सकती है जिनमे निम्नलिखित स्तर आते है।
१. विशेषताओं
२. लाभ
३. मूल्य
४ व्यक्तित्व
एक ब्रांडेड विशेषताएँ उन लेबलों का एक समूह है, जिनके साथ निगम संबद्ध होना चाहती है। उदाहरन हेतु जैसे कोई निगम धरती को अपना परिवार मानता है ।
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हालांकि, एक ब्रांड के गुण केवल उत्पाद को खरीदने में ग्राहक को मनाने के लिए पर्याप्त नहीं हैं, इन विशेषताओं को लाभ के माध्यम से सूचित किया जाना चाहिए, जो अधिक भावुक अनुवाद होता हैं, जैसे की उपरलिखित उदाहरण में एक निगम धरती को अपना परिवार मानता है तभी उपभोक्ता ब्रांड के साथ जुड़कर भावनिक अनुवाद में आता है।
विशेषताओं और लाभों के अलावा, एक ब्रांड की पहचान में मूल्यों के मूल सेट का प्रतिनिधित्व करने के लिए ब्रांडिंग शामिल हो सकता है। जब कोए निगम एक चिन्ह के साथ अपनी पहचान बनता है तो उसका मूल्य तय होता है, जैसे नाइके ब्रांड अपने मूल्यों के साथ कहते है की “ Just Do It" मतलब उपभोक्ता में वो मूल्य है। उसी तरह एक कामयाब निगम अपना व्यक्तित्व मूल्यों से जोड़ता है।
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