कार्य विवरण - job description
कार्य विवरण - job description
व्यावसायिक अग्रणी संगठन में एक बार भर्ती हो जाने के उपरांत, सर्वाधिक उपयुक्त कार्मिकों को कार्य पर तथा पेरोल पर रखे जाने के रणनीतिक महत्व की सराहना करते हैं। परिणामस्वरूप, संभावित कर्मचारियों की अन्वेषण प्रक्रिया का आयोजन व्यवसाय स्वामियों के लिए एक दुरूह कार्य हो सकता है। स्पष्ट एवं सटीक ढंग से लिखित कार्य विवरण, एक स्टाफ की आवश्यकता का सही मूल्यांकन प्रदान करने तथा कर्मचारियों के प्रदर्शन एवं योग्यताओं के मूल्यांकन के लिए एक आधार प्रस्तुत करने में सहायता प्रदान करता है।
कार्य विवरण सामान्यतया किसी विशिष्ट कार्य से सम्बंधित दायित्वों एवं क्रियाओं का एक व्यापक एवं लिखित कथन होता है, जो कार्य विश्लेषण के निष्कर्षों पर आधारित होता है।
इसमें आम तौर पर पद के शीर्षक के साथ पद के कार्य, कर्तव्य, उद्देश्य, कार्य क्षेत्र और कार्य की परिस्थितियां जैसी सूचनाएं लिखित रूप में होती हैं, तथा उस व्यक्ति का नाम या पदनाम शामिल होता है जिसे कर्मचारी रिपोर्ट करता है। कार्य विवरण, सामान्यतः कार्य विशिष्टीरण का आधार बनाता है।
कार्य विवरण में नौकरी से संबंधित बुनियादी सूचनाएं सम्मिलित होती हैं जो किसी विशिष्ट नौकरी का विज्ञापन करने और प्रतिभासम्पन्न आवेदकों के एक समूह को आकर्षित करने के लिए उपयोगी है। इसमें कार्य शीर्षक, नौकरी स्थान, कर्मचारियों की रिपोर्टिंग, नौकरी सारांश, कार्य प्रकृति,
कर्तव्य, कार्य करने की स्थिति, तथा मशीन एवं उपकरणों की जानकारी जो संभावित कर्मचारियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले हैं। आदि जानकारी सम्मिलित होती है।
कार्य विवरण का निर्माण भर्ती प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण चरण है। संगठनों को अपने तथा अपने कर्मचारियों के बीच विभिन्न कार्यों को विभाजित करने के लिए, नए कर्मचारियों के कार्यों का उपयुक्त ढंग से वर्णन करने में सक्षम होना चाहिए।
कार्य विवरण, कार्य विश्लेषण की प्रक्रिया के माध्यम से संगठन में कार्यों/ पदों की सूची से संबंधित कार्यक्षेत्र, कर्तव्यों, कार्यों, जिम्मेदारियों और कार्य करने की परिस्थितियों जैसी सूचनाओं का एक पूर्ण एवं लिखित दस्तावेज है।
कार्य विवरण में कौशल और योग्यताओं का भी विवरण दिया जाता है जो कि नौकरी के लिए आवेदन करने वाले व्यक्तियों से अपेक्षित होती हैं। यह मूल रूप से वह सभी विवरण देता है जो संगठन और आवेदक दोनों के लिए ही अच्छा है क्योंकि दोनों पक्ष कार्य पद के लिए सामान अपेक्षाएं रखते हैं।
कार्य विवरण का प्रयोग, भर्ती प्रक्रिया में कार्य पद के दायित्वों और आवश्यकताओं के सन्दर्भ में आवेदकों को सूचित करने के लिए किया जाता है, तथा कार्य विवरण के सापेक्ष कर्मचारी के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए निष्पादन प्रबंधन प्रक्रिया में भी किया जाता है। वस्तुतः, कार्य- विश्लेषण को दो घटकों में विभाजित किया जाता है-कार्य विवरण तथा कार्य विशिष्टीकरण विनिर्देश।
कार्य विवरण इस तथ्य का मूल्यांकन करने में सहायक होता है कि संगठन को पूर्णकालिक अथवा अंशकालिक कर्मचारी की आवश्यकता है। यह संगठन द्वारा किए गए विज्ञापनों का आधार बन सकता है, तथा नौकरी के लिए आवेदकों को एक स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत करने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। अंत में, यह कर्मचारियों द्वारा किए गए कार्यों के मूल्यांकन में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है कि अर्थात कर्मचारी अपेक्षित कार्यों को मानकों के अनुसार पूरा कर रहे हैं अथवा नहीं।
कार्य विवरण एक ऐसी सूची है, जिसे किसी कर्मचारी के सामान्य कार्य या कार्यों और दायित्वों के लिए उपयोग में लाया जा सकता है।
इसमें कार्य विशेष के सापेक्ष उसके पर्यवेक्षीय पदों की, कार्य करने के लिए व्यक्ति द्वारा आवश्यक योग्यता या कौशल की तथा विशिष्ट वेतन सीमाओं सम्बन्धी सूचनाएं भी सम्मिलित होती हैं। नौकरी विवरण आम तौर पर वर्णनात्मक होता है। टॉरिंगटन के अनुसार, कार्य विवरण आम तौर पर कार्य विश्लेषण के द्वारा विकसित किया जाता है, जिसमें पद के लिए आवश्यक कार्यों और कार्य- अनुक्रमों की जांच सम्मिलित होती है। यह विश्लेषण नौकरी के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल के क्षेत्रों का उल्लेख करता है। किसी नौकरी में आमतौर पर कई भूमिकाएं होती हैं। हॉल के अनुसार, कार्य विवरण को, व्यक्ति विनिर्देश बनाने के लिए विस्तृत भी किया जा सकता है या "संदर्भ की बिन्दुओं" के रूप में भी जाना जा सकता है। व्यक्ति / कार्य विनिर्देश एक पृथक दस्तावेज़ के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है, लेकिन व्यवहार में इसे आमतौर पर नौकरी विवरण के भीतर शामिल किया जाता है। कार्य विवरण का उपयोग मानव संसाधन तथा भर्ती एवं चयन आदि गतिविधियों में किया जाता है।
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