नौकरी का मूल्यांकन - job evaluation

नौकरी का मूल्यांकन - job evaluation


कार्मिक प्रबंधन की जिम्मेदारी सिर्फ कर्मचारियों की नियुक्ति व उनके प्रशिक्षण तक ही सीमित नहीं रहती। नियुक्ति के बाद, रोजगारदाता व कर्मचारी दोनों जानना चाहेंगे कि क्या कर्मचारी अपना काम करने के दौरान अपेक्षित मानदंडों पर खरा उतरा कि नहीं अर्थात मूल्यांकन तथा मापन जाँच मूल्यांकन का मतलब उस सिलसिलेवार तकनीक से है जिस के द्वारा प्रत्येक कार्य से जुड़ी सभी जिम्मेदारियों व कर्तव्यों के संदर्भ में अलग अलग कार्यों का तुलनात्मक मूल्य आंका जाता है। इस पूरी प्रक्रिया का अंतिम उद्देश्य होता है एक तर्कसंगत वेतन ढाँचा बनाना। नौकरी मूल्यांकन की कुछ महत्वपूर्ण परिभाषाएं निम्नलिखित हैं।


विलियम आर स्प्रीगल के शब्दों में, "नौकरी मूल्यांकन एक तकनीक है, जिसके द्वारा एक व्यवसाय या उद्योग में एक कार्य की अन्य कार्यों से तुलना तथा श्रेणीयन या अंकन किया जाता है।

जिससे यह विदित हो जाए कि प्रत्येक कार्य के लिए किस योग्यता वाले श्रमिक की आवश्यकता है।"


डेल योडर के शब्दों में, "नौकरी मूल्यांकन एक व्यवहार है, जो एक संगठन में तथा समरूप अन्य संगठनों के मध्य विभिन्न कार्यों के तुलनात्मक अध्ययन का आधार प्रस्तुत करता है। निश्चित रूप से यह एक कार्य मूल्यांकन प्रविधि है, जो कर्मचारी मूल्यांकन के तुल्य ही है।"


ए. शुबिन के शब्दों में, “नौकरी मूल्यांकन एक विधिवत प्रणाली है

जिसके द्वारा किसी व्यवसाय, कार्य का उद्देश्य तुलनात्मक महत्व पाए जाने वाले सामान्य घटकों 4 (चातुर्य, प्रशिक्षण तथा प्रयास) के आधर पर मजदूरी एवं वेतन दर में अंतर स्पष्ट करता है। "


किम्बाल और किम्बाल के शब्दों में, "नौकरी मूल्यांकन प्रत्येक कार्य का सापेक्ष मूल्य निश्चित करने तथा कार्य करने के लिए आवश्यक उत्तरदायित्व एवं आवश्यक घटको की तुलना करते हुए उचित मजदूरी क्या है इसे निर्धारण करने के लिए किया गया एक प्रयास है।"


इस प्रकार उपरोक्त परिभाषाओं से स्पष्ट है कि नौकरी मूल्यांकन प्रत्येक कार्य के लिए तुलनात्मक मजदूरी अंतर निश्चित करने की उद्देश्यपूर्ण पद्धति हैं।