कीन्स का रोजगार सिद्धांत - Keynes's employment theory

कीन्स का रोजगार सिद्धांत - Keynes's employment theory


कीन्स का रोजगार सिद्धांत रोजगार के प्रथम व्यवस्थित सिद्धांत के रूप में प्रसिद्ध है । की महान 1930 त को अव्यावहारिक तहत त्रुटिपूर्ण सिद्ध कर दियाआर्थिक मंदी ने प्रतिष्ठित रोजगार सिद्धां । कीन्स ने तो स्वयं से पहले प्रतिष्ठित सिद्धांत का समर्थन किया था 1930 लिकिन जब महा मंदी ने इस सिद्धांत की पोल खोल दी तो कीन्स ने ही प्रतिष्ठित सिद्धांत के स्थान पर एक व्यावहारिक एवं यथार्थवादी सिद्धांत समाज को दिया। यह सिद्धांत अल्पकालीन सिद्धांत है। कीन्स का यह मान्यता थी कि अल्पकाल में श्रमप्राकृतिक साधन तथा तक पूँजी नीकी दशाएं स्थिर रहती हैं । अतः उत्पादन एवं आय में वृद्धि के लिये रोजगार में वृद्धि होना अति आवश्यक है। यदि किसी देश के रोजगार में भी अपने आप स्वाभाविक परिणाम के रूप में वृद्धि हो जाएगी