मानव संसाधन नियोजन की सीमाएं तथा कठिनाइयाँ - Limitations and Difficulties of Human Resource Planning
मानव संसाधन नियोजन की सीमाएं तथा कठिनाइयाँ - Limitations and Difficulties of Human Resource Planning
1. आज ज्ञान, विज्ञान, तकनीकी के क्षेत्र में नित्य नई-नई बातें सुनने व देखने को मिल रही है। देश-विदेश की आर्थिक, सामाजिक, व्यापारिक और औद्योगिक स्थिति, विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों की स्थिति और उत्पादन की तकनीकी में होने वाले व्यापक परिवर्तनों के कारण जनशक्ति की आवश्यकताओं का निर्धारण व सही-सही पूर्वानुमान लगाना बहुत कठिन बात हो गई है।
2. आज सांख्यिकीय पद्धति प्रचलित है, किंतु त्रुटिपूर्ण सांख्यिकीय आँकड़ों को अपनाने, उनका विश्लेषण कर परिणाम प्राप्त करके पूर्वानुमान भी त्रुटिपूर्ण हो सकते है ।
3. मानव संसाधन नियोजन एक वैज्ञानिक पद्धति है, जिसके लिए उपयुक्त व्यक्तियों व विशेषज्ञों की आवश्यकता रहती है, किंतु समुचित विशेष योग्यता वाले व्यक्तियों के अभाव में इसका कार्य संचालन वांछित लक्ष्यों की पूर्ति में बाधक बनता है।
4. निजी, सार्वजनिक, संयुक्त सभी क्षेत्रों में मानव संसाधन नियोजन की अलग-अलग विधियों, उद्देश्यों और लक्ष्यों के कारण इनका राष्ट्रीय जनशक्ति नियोजन में सामजस्यपूर्ण समायोजन न हो पाने के कारण भी मानव संसाधन नियोजन में कठिनाईयाँ आती है।
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