मुद्रा कोष की सदस्यता से भारत को हानियां - Losses to India from membership of the Monetary Fund

मुद्रा कोष की सदस्यता से भारत को हानियां - Losses to India from membership of the Monetary Fund


लाभों के अतिरिक्त कोष का सदस्य होने के नाते भारत को कुछ हानिया भी सहन करनी पड़ी हैं। कुछ आलोचकों के अनुसार भारत को कोष की सदस्यता से जितना लाभ मिलना चाहिए था, उसकी अपेक्षा कम लाभ मिले हैं। इसके निम्न कारण है-


1. भारत सरकार ने विधान मंडलों की स्वीकृति के बिना और आर्थिक विशेषज्ञों की सलाह के बिना ही अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की सदस्यता स्वीकार कर ली। 


2. मुद्रा कोष ने शुरू में पौण्ड की भुगतान सुविधा भारत को देने से इनकार कर दिया था ।


3. भारत का कोटा इसको प्राप्त करने वाले लाभों की तुलना में अधिक रखा गया है।