प्रबंध नीति अनुसंधान अन्तक्रिया - Management Policy Research Interaction

प्रबंध नीति अनुसंधान अन्तक्रिया - Management Policy Research Interaction


जैसा कि स्पष्ट किया जा चुका है, व्यावसायिक संगठनों में अनुसंधान कार्य संलग्न व्यक्ति स्टाफ या सलाहकारी भूमिका के रुप में होते हैं। प्रबंध के द्वारा इनकी सलाह को मानना अनिवार्य नहीं होता है ये व्यक्ति निर्णयन प्रक्रिया में दबावों से दूर रहते है ताकि वे समस्या पर सही, पूर्वाग्रह रहित तथा ठोस निर्णय ले सके। स्टाफ व्यवस्था में अनेक समस्या समाधान विशेषज्ञों का समूह होता है जो जटिल समस्याओं पर व्यवस्थित रुप में विचार-विमर्श करता है, सूचनाओं एवं समको का सकलन एवं विशलेषण करता है तथा सही निर्णय लेकर प्रबंध को सूचित करता है। इस निर्णय को मानने हेतु विपणन प्रबंधक या संस्था का उच्च प्रबंध बाध्य नहीं होता। फलत: कभी-कभी प्रबंध तथा विपणन अनुसंधान व्यक्तियों में संघर्ष उत्पन्न हो जाता है।

जोसफ ए. बिलीजी का मत है कि प्रबंधको तथा विपणन अनुसंधान प्रबंधकों में एक दूसरे की भूमिका एवं आवश्यकता के प्रति बेहतर समझ न होने के कारण संघर्ष होता है। अनुसंधानकर्ता के बारे में प्रबंधको की अभिलिखित शिकायतें रहती हैं-


(i) अनुसंधान अधिमुखी नहीं होता है। इसमें तथ्यों के पुलिन्दे को उपलब्ध कराने की प्रवृत्ति होती है, न कि कार्यवाही योग्य परिणामों को प्रदान करने की प्रवृत्ति होती है।


(ii) अनुसंधानकर्ता तकनीकों में आवश्यकता से अधिक समाविष्ट हो जाते हैं तथा समस्या में प्रबंध के समाविष्ट होने के प्राय अनिच्छुक होते हैं।


(iii) अनुसंधान धीमा, अस्पष्ट तथा वैधता के संदर्भ मे विचारणीय होता है।


(iv) अनुसंधानकर्ता सम्मवेषण नही कर सकते न ही ये प्रबंध की भाषा समझते हैं और न ही इस भाषा में बात कर सकते है।


अनुसंधानकर्ता प्रबंधकों के बारे में निम्नांकित शिकायतें करते हैं:


(i) प्रबंधक आधारभूत समस्याओं की बहस में अनुसंधान को सम्मिलित नहीं करते हैं।


(ii) प्रबंध अनुसंधान को मामूली सेवा से ज्यादा नहीं समझते है, न ही वे इसका मूल्य समझते हैं और न ही पर्याप्त महत्व प्रदान करते हैं।


(iii) प्रबंध अनुसंधान के लिए पर्याप्त समय प्रदान नहीं करता है। वह प्रारम्भिक या अपूर्ण परिणामों के आधार पर निष्कर्ष निकाल लेता है।


(iv) प्रबंध अनुसंधान की बजाय अन्तज्ञान तथा निर्णय पर ज्यादा विश्वास करता है। यह अनुसंधान का वैसाखी, न कि औजार की तरह प्रयोग करता है।


इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं कि विपणन अनुसंधान निर्णयन हेतु वांछित सूचना उपलब्ध कराता है। अब यह प्रबंध की इच्छा पर निर्भर करता है। 


(i) यह पूर्व निर्धारित स्थिति के समर्थन में इन अनुसंधान परिणामों का उपयोग करे, या


(ii) परिणामों का उपयोग न करे, या


(iii) विगत कार्यवाही को ढकने या पुष्ट करने हेतु उसका प्रयोग करे।


एडलर एवं मायर का मत है कि प्रबंधकीय निर्णयन में विपणन अनुसंधान के प्रभावी समावेश या एकीकरण हेतु दोनों पक्षों (प्रबंध एवं अनुसंधानकर्ता) की और से रचनात्मक कार्यवाही आवश्यक है। प्रबंध को चाहिए कि-


(i) यह विपणन अनुसंधान की भूमिका एवं प्रत्याशाओं के नए नजर एक लिखित चार्टर प्रदान करे।


(ii) विपणन अनुसंधान की स्वीकृति के लिए स्वस्थ वातावरण प्रदान करें। उच्च प्रबंध को अनुसंधान का प्रयोग करना चाहिए तथा निम्न स्तर के व्यक्तियों तक इसके उपयोग को प्रोत्साहित करना चाहिए।


(iii) संगठन में विपणन अनुसंधान की स्थिति में बताया जाना चाहिए।


(iv) अनुसंधान का वस्तुनिष्ठ रूप में प्रयोग करना चाहिए।


(v) लिखित अनुसधान योजना की माग करनी चाहिए।


(vi) पर्याप्त कोप की व्यवस्था करनी चाहिए।


(vii) अनुसंधान कार्य के निष्पादन का परिणात्मक एवं गुणात्मक रुप में अकेक्षण करना चाहिए।


(viii) कंपनी के लिए विपणन अनुसंधान को मान्यता प्रदान करनी चाहिए।


(ix) फर्म के दिन-प्रतिदिन के परिचालनों में अनुसंधानकर्ता को ज्यादा सम्मिलित करना चाहिए। 


(x) समस्या एवं विकल्पों को स्पष्ट रूप में बताया जाना चाहिए।


अनुसंधानकर्ताओं को चाहिए कि-


(i) ये अनुसंधान निष्कर्षो को सही व शुद्ध रूप में सम्मोपित करें तथा विशिष्ट अनुसंधान परियोजना के विशिष्ट पहलुओं को अवश्य बतलायें ।


(ii) प्रबंध के परिप्रेक्ष्य में विपणन की स्थिति को समझने का प्रयास करना चाहिए।


(iii) निर्णय में प्रबंध की सहायतार्थ अनुसंधान कार्य को सृजित करना चाहिए। 


(iv) फर्म में अपने योगदान को बढ़ाने के लिए पहल करनी चाहिए।


एडलर एवं मायर का मत है कि निम्नलिखित तीन क्षेत्रों में प्रबंध एवं अनुसंधानकर्ता के संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता होती है -


(i) निर्णयन प्रक्रिया का औपचारिक अध्ययन


(ii) प्रबंध को निर्देशित शैक्षणिक कार्यक्रम तथा


(iii) अनुसंधान विशेषज्ञों का मूल्यांकन, जो रेखा प्रबंधकों तथा स्टाफ कार्य के रूप में अनुसंधान के बीच की खाई को पाटने का कार्य करता है।