प्रबन्धकीय महत्व - managerial importance
प्रबन्धकीय महत्व - managerial importance
1. उत्पादन के सर्वोतम आकार का निर्धारण करते समय इसके माध्यम से उत्पादन का सर्वोत्तम आकार निश्चित किया जा सकता है। उत्पादन का सर्वोतम आकार LMC के उस बिन्दु पर होगा जो निम्नतम है।
2. उत्पादन के पैमाने में परिवर्तन करते समय जब कभी भी फर्म अपने उत्पादन के पैमाने में परिवर्तन करना चाहे तो दीर्घकालीन औसत लागत रेखा उपयोगी होती है।
संयन्त्र के निर्माण एवं विस्तार सम्बन्धी निर्णय दीर्घकालीन लागत विश्लेषण के माध्यम से प्रबन्धक संयन्त्र का आकार निश्चित कर सकता है। क्या पूराने संयन्त्र के स्थान पर छोटा संयन्त्र लगाया जाय या पुराने संयन्त्र का ही विस्तार किया जाय अथवा नया बड़ा संयन्त्र लगाया जाय। उपर्युक्त निर्णयों के सम्बन्ध में निम्न दो दशायें हो सकती हैं :
(a) यदि फर्म अपने अनुकुलतम उत्पादन आकार से कम उत्पादन करना चाहती है तो उसे किसी छोटे संयन्त्र को उसके न्यूनतम लागत स्तर से कम उत्पादन करना चाहिये। इसका परिणाम यह होगा कि उत्पाद वृद्धि नियम लागू होगा तथा बड़े पैमाने की बचते प्राप्त होंगी।
(b) यदि फर्म अपने अनुकुलतम उत्पादन स्तर से अधिक उत्पादन करना चाहती है तो उसे बड़े संयन्त्र के कम प्रयोग के स्थान पर संयन्त्र का अधिक प्रयोग करना चाहिये।
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