बाजार विभाजन के स्तर - market segmentation level

बाजार विभाजन के स्तर - market segmentation level


कोटलर तथा कैलर के मतानुसार सेवाओं व बाजार विभाजन पर आरंभिक विचार-विमर्श करने का पहला चरण मास मार्किटिंग है। 

मास मार्किटिंग का अभिप्राय सभी ग्राहकों के लिए एक उत्पाद एक वितरण तथा एक ही तरह का प्रचार करना होता है।


मास मार्केिटिंग वह है जो बड़े सम्भाव्य मार्किट का प्रतिस्थापन करता है व भारी मात्रा में उत्पाद कर न्यूनतम कीमत स्तर पर उत्पादन को वितरित करता है व अधिक लाभाप प्राप्त करता है।


(i) विभाजित मार्किटिंग


कोटहार तथा केलर के मतानुसार, मार्किट विपणन समूह ऐसे ग्राहकों का समूह का है

जो समान आवश्यकताओं एवं अपेक्षाएं से परिपूर्ण हो। यह समझना आवश्यक है कि विपणनकर्ता खड़ों को नहीं बनाता है विपणनकर्ता का कार्य उन खड़ों में से किसी एक या अनेकों को लक्षित करना होता है।


मार्किट खडीकरण को निम्नलिखित तरीको से समझा जा सकता है-


• वर्णनात्मक खड़ों की पहचान करना व खंड को तराशना


• सजातीय वर्णात्मन (Homogeneous Preferences ) 


• बिखरी हुई अपेक्षाए (Diffused Preferences)


• अपेक्षाओं का समूह / गुच्छिय अपेक्षाएं (Clustered Preferences)


(ii) आला विपणन (Niche Marketing)


आला विपणन ऐसे संकीर्ण ग्राहकों का समूह है जो विशिष्ट मिश्रण की अपेक्षाएं रखता हो आला विपणनकर्ता आमतौर पर ऐसे खंडों को उप-सूनहों में विभाजित कर उनकी पहचान करता है। आला विपणन समूह की आवश्यकताओं व अपेक्षाओं को विक्रेता सम्भवत अच्छे से समझता व तत्परता से पूर्ण करता है जिसकी वजह से उपभोक्ता उसके लिए ज्यादा पैसे भी अदा करने का इच्छुक होता है इन्टरनेट पर छोटे व्यापार की शुरुआत करके कम कीमत पर अपने उत्पाद व सेवा उपलब्ध करने का सर्वोत्तम साधन या उपयुक्त या कहा जाये उपलब्ध उपयुक्त प्लेटफॉर्म है जिससे कुछ विशिष्ट बाजार अपेक्षाएं पूरी की जा सकती हैं। 


(iii) स्थानीय विपणन


विपणनकर्ता स्थानीय ग्राहकों की आवश्यकताओं व अपेक्षाओं की पूर्ति करने का भी नियोजन कर सकता है

स्थानीय विपणन बढ़ते हुए जन साधारण विपणन को दर्शाता है। स्थानीय विपणन कार्यवाही विशिष्ट एवं व्यक्तिगत ग्राहकों तक जहां तक संभव हो, संकीर्णता से केन्द्रित करने का विषय है। स्थानीय व ग्रासरूट विपणन का एक बड़ा अश, किसी उत्पाद या वस्तु या सेवा का प्रयोगात्मक अध्ययन को मात्र प्रोत्साहित करने या हितकारों के अनुसरण ही नहीं है, परन्तु उनको कार्यान्वन करने व उनको अद्वितीय एवं आनन्दप्रद व रोचक अनुभवों को सम्मिलित करने से है। 


(iv) अनुकूलित विपणन


सबसे अच्छा खडीकरण का स्तर किसी एक खड का अनुकूलित विपणन अभिकयण होता है अथवा एक-से-एक विपणन स्तर है आजकल ग्राहक व्यक्गित स्तर पर क्रय करने संबंधी औपचारिक विचारधारा रखते हैं। व्यापारीकरण बड़े व्यापार को व्यक्तिगत तरीके से कार्यान्वित करने का प्रयास करता है। यह ऐसे रास्तों का चयन करता है जिससे ग्राहकों की पसंदीदा अपेक्षाओं की पूर्ति सतोषजनक तथा उत्कृष्ट ढंग से की जा सके। प्रत्येक व्यापारिक इकाई में यह निश्चय करना होता है कि किसी व्यापार को डिजाइन करने और उचित रूप में व्यवस्थित करना एवं खंडों को व्यक्ति विशेष खंडों में विभक्त करना होता है। कोटलर तथा केलर के मतानुसार, व्यापारीकरण प्रत्येक कंपनी के लिए उपयुक्त नहीं होता है।"