विपणन अनुसंधान अर्थ एवं परिभाषाएँ - Marketing Research Meaning and Definitions

विपणन अनुसंधान अर्थ एवं परिभाषाएँ - Marketing Research Meaning and Definitions


विपणन अनुसंधान का विषय आधुनिक "उपभोक्ता प्रधान" विपणन की देन है आज उपभोक्ता की अपेक्षा एवं आवश्यकता को सही वस्तु द्वारा सही समय व स्थान पर तथा यथा समय पूरा करने के लिए विपणन प्रक्रिया से सम्बन्धित भिन्न-भिन्न तत्वों का व्यवस्थित अध्ययन करना आवश्यक हो गया है। आर्थिक विकास की प्रारंभिक अवस्था में वस्तुओं व सेवाओं का उत्पादन उत्पादक की क्षमता व सुविधा के अनुसार होता था परन्तु औद्योगिक क्रांति और व्यावसायिक विकास के साथ उत्पादन क्षमता में बहुत अधिक वृद्धि हुई है जहां पहले मांग की तुलना में पूर्ति कम होती थी वहा अब परिस्थिति बदलती हुई नजर आती है। यहां तक कि कुछ ऐसे राष्ट्रो की अर्थव्यवस्था है जहां वस्तुओं तथा सेवाओं की पूर्ति माग से अधिक है।


जब उत्पादन उपभोक्ता की इच्छा तथा आवश्यकतानुसार होता है तो उत्पादन की बिक्री आसानी से सम्भव हो पाती है परन्तु इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए उपभोक्ता को उत्पाद की विशेषता को जानना और समझना आवश्यक है

साथ ही उत्पादक को अपने प्रतियोगियों की वस्तुओं एवं विपणन योजनाओं के विषय में भी पूर्ण जानकारी होना आवश्यक है। इतना ही नहीं उसके लिए अपने स्वयं के विपणन प्रबन्ध के विभिन्न तत्वों की जानकारी रखना आवश्यक है।


कार्य के अनुसार किसी भी व्यावसायिक संस्था की क्रिया को मुख्यत चार भागों में बाटा जा सकता है- उत्पादन, वित्त, औद्योगिक सम्बन्ध और विपणन जैसा कि स्पष्ट किया जा चुका है, विपणन में सभी व्यावसायिक कियाए सम्मिलित की जाती है जिनके माध्यम से वस्तुओं या सेवाओं का प्रवाह उत्पादक से उपभोक्ता तक आसानी से हो पाता है।


विपणन अनुसंधान एक संयुक्त शब्द है जो समस्त अनुसंधान सम्बन्धि क्रियाओं तथा विपणन कार्य के प्रबन्ध से सम्बन्धित है। ब्राउन का मत है कि अनुसंधान समस्या समाधान से सबंधित है,

लेकिन समस्या के लक्षणों के आधार पर समस्या को सही रूप में परिभाषित करना तथा उसे जानना प्राय अनुसंधान प्रक्रिया का अत्याधिक जटिल भाग होता है एक बार जब समस्या ज्ञात हो जाती है तो वैज्ञानिक पद्धति के प्रयोग एवं अनुसरण द्वारा उसका समाधान किया जा सकता है अत: अनुसंधान भले ही जटिल कार्य हो, लेकिन इसके द्वारा जटिल समस्याओं का समाधान किया जाना सम्भव होता है जो एक फर्म तथा व्यक्ति के लिए अत्याधिक लाभप्रद हो सकता है। अर्नेस्ट ग्रीनवुड के अनुसार "अनुसंधान की परिभाषा ज्ञान की खोज में प्रमाणिकृत कार्यरीतियों के प्रयोग के रूप में की जा सकती है।" अतः सरल रूप में विपणन संबंधी समस्याओं को हल करने के लिए वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग विपणन अनुसंधान कहलाता है। यह एक व्यवस्थित प्रयास है जो उन सूचनाओं को प्राप्त करने के लिए किया जाता है जो विपणन समस्याओं को हल करने में उपयोगी होती है। प्राय विपणन समस्याएं अत्याधिक जटिल व्यापक एवं गहनतायुक्त होती है। पहले इन समस्याओं को समझा जाता है, फिर उनका विश्लेषण किया जाता है

और अंत में उनके सम्बन्ध में निर्णय लिया जाता है। अतः एक ऐसा क्रम बन जाता है जिसका अंत नहीं होता है एक समस्या के समाधान पर दूसरी समस्या उत्पन्न हो जाती है और यह अंत-रहित क्रम चलता रहता है। यही कारण है कि विपणन समस्याओं के संबंध में निर्णय लेना अत्याधिक जटिल होता है विपणन अनुसंधान प्रबंध द्वारा लिये जाने वाले निर्णयों को आधार प्रदान करने वाली सूचनाओं का सृजन किया जाता है। यह प्रबंध का एक साधन है जो सही निर्णय लेने की क्रिया में सहायता करता है। ब्रायड तथा अन्य का मत है कि संगठन विभिन्न प्रकार से विपणन अनुसंधान का प्रयोग करते हैं, विशेषतः नय उत्पाद विकास तथा विज्ञापन निर्णयों से इसका व्यापक प्रयोग किया जाता है। इसका प्रमुख उद्देश्य जागरुकता तथा छवि को मापना है। इनके अनुसार विपणन अनुसंधान एक बहुमुखी क्रिया है जिसका विभिन्न प्रकार के संगठनों द्वारा विभिन्न निर्णयों के सदर्भ में वांछित सूचनाओं को एकत्रित करने हेतु प्रयोग किया जाता है।


राधास्वामी तथा नामाकुमारी का मत है कि


विपणन अनुसंधान विपणन की बहुमुखी समस्याओं संबंधी अनुसंधान है। इसका लक्ष्य विपणन में निर्णय लेने में सहायता करता है। (ii)


(iii) यह सूचनाओं को व्यवस्थित एकत्रीकरण एवं विश्लेषण है जो इसे मिशन की उपलब्धि का कार्य करता है।


कोटलर के अनुसार, "विपणन अनुसंधान को कम्पनी द्वारा सामना की जाने वाली निर्दिष्ट विपणन दशाओं के लिए संगत व्यवस्थित सरचना, संग्रहण, विश्लेषण तथा समको एवं निष्कपों को रिपोर्टिंग के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। स्टेशन के अनुसार, "विपणन अनुसंधान अभिमुखी सूचनाओं का विकास, व्याख्या एवं सम्प्रेषण है जिनका व्यूहरचनात्मक विपणन प्रक्रिया में प्रयोग


किया जाता है।"


इसके अनुसार, "आधुनिक विपणन अनुसंधान क्या है तथा यह क्या करता है को समझने हेतु निम्नांकित बिन्दुओं को ध्यान में रखना आवश्यक है


(i) यह विपणन की प्रबंध प्रक्रिया के तीनों चरणों में नियोजन, क्रियान्वन एवं मूल्यांकन भूमिका निभाता है।


(ii) यह समक संग्रहण से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है।


(iii) यह सूचना विकसित करने के अनुसंधानकर्ता के दायित्व को मान्यता देता है जो प्रबंधकों के लिए उपयोगी होगी।


विभिन्न विद्वानों तथा विपणन संस्थाओं द्वारा विपणन अनुसंधान की दी गयी कुछ प्रमुख परिभाषाएं निम्नलिखित है स्टिल एवं कंडिफ के अनुसार विपणन अनुसंधान का तात्पर्य विपणन संबधी निर्णय लेने हेतु लाभप्रद सूचनाएं प्रदान करने के उद्देश्य से विपणन समस्याओं से संबंधित आँकड़ों के व्यवस्थित एकत्रीकरण, अभिलेखन और विश्लेषण से है।"


जे. बी. गाइल्स के शब्दों में, "विपणन अनुसंधान का प्राथमिक उद्देश्य प्रबंध को ऐसी जानकारी प्रदान करना है जिससे विगत, वर्तमान एवं नावी क्रेताओं तथा प्रयोगकर्ताओं की आदतों एवं दृष्टिकोणों और पैकिंग विक्रय तथा विज्ञापन विधियों के प्रति उनकी प्रतिक्रियाओं को अच्छी तरह से समझा जा सके।


कोटलर के विचार अनुसार, "विपणन अनुसंधान वस्तुओं और सेवाओं के विपणन में निर्णय तथा नियन्त्रण संबंधी पद्धति को सुधारने के उद्देश्य से किया जाने वाला व्यवस्थित समस्या विश्लेषण, मॉडल निर्माण एवं अन्वेषण संबंधी कार्य है।" अपने नवीनतम संस्करण में कोटलर ने विपणन अनुसंधान को निम्नलिखित शब्दों में परिभाषित किया है विपणन अनुसंधान एक विशिष्ट विपणन स्थिति के संबंध में जिसका कम्पनी सामना कर रही है,

समंकों की व्यवस्थित प्ररचना, संग्रहण, विश्लेषण तथ प्रतिवेदन तथा संगत तथ्यों को प्राप्त करने की प्रक्रिया है।"


क्लार्क एवं क्लार्क के अनुसार विपणन अनुसंधान का आशय वस्तु की डिजाइन. बाजार और ऐसी क्रियाओं जैसे वस्तुओं का विवरण संग्रहण. विज्ञापन एवं विक्रय प्रबंध का सावधानीपूर्वक और उद्देश्यात्मक अध्ययन से है।" 


अमेरिकन मार्केटिंग एसोसिएशन ने विपणन अनुसंधान की निम्न परिभाषा दी है -


"विपणन अनुसंधान का तात्पर्य वस्तुओं और सेवाओं के विपणन संबंधी समस्याओं के बारे में आँकड़ों के व्यवस्थित संकलन, अभिलेखन और विश्लेषण से है। इस संघ ने विपणन अनुसंधान को नये अर्थ में निम्न प्रकार से परिभाषित किया है

विपणन अनुसंधान एक ऐसा कार्य है जो उपभोक्ता, ग्राहक एवं जनता को सूचनाओं के द्वारा विपणनकर्ता से जोड़ता है सूचनाओं का उपयोग विपणन अवसरों एवं समस्याओं को पहचानने एवं परिभाषित करने, विपणन कार्यवाही को सृजित परिष्कृत एवं मूल्यंकित करने, विपणन निप्पदान का मॉनिटर करने तथा एक प्रक्रिया के रूप में विपणन की समझ को बेहतर बनाने हेतु किया जाता है विपणन इन मुद्दों से संबंधित वाछित सूचनाओं को सुनिश्चित करता है, समक संग्रहण हेतु पद्धति की प्ररचना करता है समक संग्रहण प्रक्रिया का प्रबंधन एवं क्रियान्वन करता है परिणामों का विश्लेशण करता है तथा निष्कपों का सम्प्रेषण एवं उनका प्रभाव बतलाता है।"


उपर्युक्त परिभाषाओं के आधार पर निष्कर्ष रूप में कहा जाता है कि विपणन अनुसंधान से संबंधित क्रियाकलापों का अध्ययन और विश्लेषण किया जाता है, जिससे वस्तु विकास,

विक्रय विज्ञापन, कीमत निर्धारण मध्यस्थों का चयन, संग्रहण एवं भौतिक वितरण आदि क्षेत्रों में लिए जाने वाले निर्णय प्रभावी हो इसके अर्थ एवं विश्लेषण हेतु उपयुक्त आँकड़ों का सकलन, अभिलेखन एवं विश्लेषण विपणन अनुसंधान की प्रक्रिया के मुख्य अंग हैं।"


सार रूप में विपणन प्रबंध में लिये जाने वाले निर्णयों को आधार प्रदान करने वाली सूचनाओं का प्रजनन विपणन अनुसंधान करता है।


यह प्रबंध का एक साधन है जो सही निर्णय लेने की क्रिया में सहायता करता है। यह प्रबंध के दूसरे उपकरणों की तरह है, जैसे लागत लेखा,

समय और गति अध्ययन पद्धति पद्धति विश्लेषण और क्रियात्मक जाच विपणन अनुसंधान का प्राथमिक कार्य अधिशासी के निणर्य के लिए सही और पर्याप्त सूचनाएं प्रदान करते हुए सहायता प्रदान करना है।


जार्ज एडवर्ड ने विपणन अनुसंधान को इसी अर्थ में परिभाषित करते हुए लिखा है कि, "विपणन अनुसंधान, विपणन निर्णय होने हेतु नये तथ्यों एवं नये ज्ञान के सकलन का कोई भी नियोजित एवं संगठित आयाम है।"


लौरी एवं रॉबटर्स का मत है कि विपणन अनुसंधान उन सूचनाओं को प्राप्त करने के लिए किया गया व्यवस्थित प्रयास है जो विपणन समस्या के हल करने में उपयोगी होता है।