सम्पूर्ण किस्म प्रबंधन का अर्थ एवं परिभाषा - Meaning and definitions of total variety management

 सम्पूर्ण किस्म प्रबंधन का अर्थ एवं परिभाषा - Meaning and definitions of total variety management


सम्पूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन को विद्वानों ने विभिन्न अर्थों में परिभाषित किया है। सामान्यतः सम्पूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन से तात्पर्य, ‘ग्राहकों की अपेक्षाओं एवं उससे अधिक की पूर्ति हेतु सभी स्तरों पर सदस्यों की सक्रीय सहभागिता के द्वारा पूरे संगठन में गुणवत्ता की निरंतर प्रगति एवं सुधार के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता' से है ।


परिवर्तन की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए, सांख्यिकीय आंकड़ों पर आधारित सम्पूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन एक तर्कसंगत तकनीक है। इसके अंतर्गत, चार मुख्य घटकों- प्रणालियों/ तंत्र (systems), प्रक्रियाओं (processes), लोगों (people) तथा प्रबंधन ( management) के माध्यम से संगठन में परिवर्तन लाया जा सकता है।


सम्पूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन, जिसे सम्पूर्ण उत्पादक अनुरक्षण (Total Productive Maintenance) भी कहा जाता है, एक ऐसे प्रबंधन दृष्टिकोण का वर्णन करता है जिसमें ग्राहकों की संतुष्टि के माध्यम से दीर्घकालीन सफलता प्राप्त होती है। सम्पूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन को त्रुटियों से बचाव को संभव बनाने तथा प्रत्येक अवसर पर ग्राहकों/ उपयोगकर्ताओं को पूरी तरह से संतुष्ट करने के लिए, लोगों में सही कौशल और व्यवहार के विकास के द्वारा, उत्कृष्टता की एक निरंतर खोज (continuous quest for excellence) के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। यह एक व्यापक संगठनात्मक गतिविधि है, जिसका संगठन के भीतर प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचना आवश्यक है।


सम्पूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन की कुछ प्रमुख एवं उल्लेखनीय परिभाषाएँ निम्नलिखित हैं।


ओकलैंड (Oakland) ने सम्पूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन को इस प्रकार परिभाषित किया है- “सम्पूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन, समग्र के तौर पर व्यवसाय की प्रभावशीलता और लोचशीलता में वृद्धि करने का एक दृष्टिकोण है। यह अनिवार्य रूप से प्रत्येक विभाग, प्रत्येक गतिविधि तथा प्रत्येक स्तर पर हर व्यक्ति को पूरे संगठन से जोड़ने एवं व्यवस्थित करने का एक तरीका है।"


फाओ (Pfau) के अनुसार, “सम्पूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन संगठन के सभी स्तरों और कार्यों की भागीदारी के माध्यम से प्रदत्त वस्तुओं और सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाने की एक पद्धति है। "


अंतरराष्ट्रीय प्रमाप संगठन (International Standards Organisation) ISO) के अनुसार,

सम्पूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन, संगठन का एक प्रबंधकीय दृष्टिकोण है जो गुणवत्ता केन्द्रित है। इसमें सभी सदस्यों की सहभागिता आवश्यक है। इसका उद्देश्य ग्राहकों की संतुष्टि के माध्यम से दीर्घकालीन सफलता प्राप्त करना है जो संगठन तथा समाज के सभी सदस्यों के लिए लाभप्रद है।" (ISO)


सम्पूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन, किसी संगठन की व्यवहारिक गतिकी का वर्णन करने वाली विभिन्न प्रक्रियाओं के एकीकरण को कहते हैं। इसी कारण से संगठन को एक संपूर्ण प्रणाली / तंत्र (सामाजिक तकनीकी), जहां सभी गतिविधियों उत्पादकता और प्रभावशीलता के साथ ग्राहकों की आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में लक्षित हैं। जैरे एवं सिमिन्तिरस ( Zaire & Simintiras ) ने इस दृष्टिकोण का प्रतिपादन इस प्रकार किया है:


“सम्पूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन हर प्रक्रिया के हर स्तर पर, आर्थिक व्यवहार्यता के साथ सही काम करने (बाह्य) तथा पहली बार और हर बार सबकुछ सही करने (आंतरिक) के लिए सामाजिक-तकनीकी प्रक्रियाओं का संयोजन है।"


सम्पूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन, लागतः विश्वसनीयता; गुणवत्ता; नवाचारी उत्पादकता और व्यवसाय प्रभावशीलता के क्षेत्रों में निरंतर सुधार तथा प्रगति से सबंधित अन्वेषण पर आधारित रहा है।


टोबिन (Tobin) के अनुसार, संगठनात्मक संस्कृति के हर पहलू में सुधार के द्वारा प्रतिस्पर्धी लाभ पाने के लिए पूर्ण रूप से एकीकृत प्रयास ही सम्पूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन है। डेमिंग (Deming) ने सम्पूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन की एक संचालनात्मक/ क्रियाशील परिभाषा दी है जो इस अवधारणा में अभिप्रेरणात्मक अर्थ प्रत्यारोपित करती है।

सिंक (Sink) का मानना है की सम्पूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन सिर्फ तभी सफल हो सकता है जब इसकी संचालनात्मक/ क्रियाशील परिभाषा को संगठन के नेतृत्व में, रणनीतियों में परिवर्तित किया जाए जिन पर त्वरित कार्यवाही हो तथा इन्हें निष्ठा एवं स्पष्टता के साथ पूरे संगठन में संप्रेषित किया जाए।


हालांकि, सम्पूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन को दो बुनियादी कार्यों, अर्थात कुल गुणवत्ता नियंत्रण' (Total Quality Control) तथा 'गुणवत्ता प्रबंधन' (Quality Management) के एकीकरण के क्रियात्मक रूप में भी देखा जा सकता है। यानि कुल गुणवत्ता नियंत्रण और गुणवत्ता प्रबंधन के रूप में कार्यात्मक देखी जा सकती है।

गुणवत्ता को भी विभिन्न प्रकार से परिभाषित किया गया है, जैसे- "उपयोग के लिए फिटनेस" (fitness for use), "आवश्यकताओं के अनुरूप, आदि। कुल गुणवत्ता नियंत्रण, संगठनों के लिए दीर्घकालीन सफलता की एक रणनीति है। ग्राहक संतुष्टि, कर्मचारी संतुष्टि, अपने सभी चरणों में उत्पाद की गुणवत्ता का आश्वासन, तथा निरंतर सुधार और नवाचार, कुल गुणवत्ता नियंत्रण के प्रमुख तत्व हैं; 


जबकि गुणवत्ता प्रबंधन संगठन में उत्कृष्टता प्राप्त करने हेतु नियोजन, आयोजन एवं निर्देशन का एक तरीका है जिसके द्वारा सभी क्षेत्रों में निरंतर प्रगति के लिए, सभी कर्मचारियों की क्षमताओं को एकीकृत एवं प्रोत्साहित किया जाता है।

इस प्रकार सम्पूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन, किसी संगठन की उत्पाद प्रक्रिया गुणवत्ता, कार्य वातावरण तथा कार्य-संस्कृति में सुधार एवं प्रगति के प्रति आश्वस्त करने के लिए सभी लोगों को एक साथ जोड़ता है।


ओकलैंड (Oakland) ने सम्पूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन का चित्रण, पांच भिन्न घटकों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक पिरामिड (Pyramid ) के रूप में किया है- प्रबंधन प्रतिबद्धता ( management commitment), ग्राहक आपूर्तिकर्ता श्रृंखला (customer supplier chain), गुणवत्ता प्रणाली (quality systems), सांख्यिकी प्रक्रिया नियंत्रण उपकरण (statistical process control tools) तथा सामूहिक कार्य (teamwork)| इसमें शीर्ष पर ग्राहक आपूर्तिकर्ता श्रृंखला (customer supplier chain) हैं जो अपनी पूरी प्रक्रिया के दौरान होने वाले,

प्रक्रिया स्वामित्व (process ownership), प्रक्रिया प्रबंधन (process management) और प्रक्रिया सुधार (process improvement) को प्रतिबिंबित करती है।


सोहेल एवं अन्य (Sohal et al) के अनुसार, गुणवत्ता में निरंतर प्रगति, व्यापार चक्र (business cycle) की विभिन्न गतिविधियों में क्रियात्मक योजनाओं द्वारा गुणवत्ता नियंत्रण के एक एकीकृत दृष्टिकोण के माध्यम से संभव है। उन्होंने ने इस तरह के पांच तत्वों- ग्राहक पर ध्यान (customer focus) प्रबंधन प्रतिबद्धता (management commitment), पूर्ण सहभागिता (total participation), सांख्यिकीय गुणवत्ता नियंत्रण (statistical quality control) और व्यवस्थित समस्या समाधान (systematic problem solving), की पहचान की है।


प्राइस और गास्किल (Price & Gaskill) ने सम्पूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन के तीन आयामों की पहचान की है। 


(1) उत्पाद और सेवा आयाम (product and service dimension): वह मात्रा अथवा स्तर जिस पर ग्राहक आपूर्तित उत्पाद या सेवा से संतुष्ट रहता है। 


( 2 ) लोग आयाम ( people dimension): वह मात्रा अथवा स्तर जिस पर ग्राहक उत्पाद या सेवा की आपूर्ति करने वाले संगठन के लोगों के साथ अपने संबंधों को लेकर संतुष्ट हो रहता है।


(3) प्रक्रिया आयाम (process dimension): वह मात्रा अथवा स्तर जिस पर आपूर्तिकर्ता, उत्पादों और सेवाओं को विकसित करने के लिए उपयोग में लाई जाने वाली आंतरिक कार्य प्रक्रियाओं से संतुष्ट रहता है।