अंतरराष्ट्रीय वातावरण का अर्थ - Meaning of international environment
अंतरराष्ट्रीय वातावरण का अर्थ - Meaning of international environment
आयात निर्यात में लगे व्यवयसायों के लिए अंतरराष्ट्रीय वातावरण बहुत महत्वपूर्ण है। विदेशी बाजारों में मंदी या विदेशी बाजारों में संरक्षण से निर्यातों पर बुरा प्रभाव पडता है। आयातों के उदारीकरण से कुछ उद्योगों को लाभ तथा कुछ को हानि हो सकती है। उदाहरण के तौर पर इलेक्ट्रोनिक्स उद्योग में बहुराष्ट्रीय कंपनियों, एल. जी., सैमसंग, सोनी, आदि के आने से भारतीय घरेलू इकाइयों, जैसे- विीडियोकोन पर बुरा प्रभाव पड़ा है। बहुत से अन्य तत्व किसी देश के व्यापार व विकास प्रक्रिया को प्रभावित करते है जैसे विश्व व्यापार संगठन समझौते, अंतरराष्ट्रीय घोषणाएं, अंतरराष्ट्रीय राजनितिक तत्व, राजनितिक तनाव, वैश्विक वित्तीय संकट, युद्ध आदि । उदाहरण के तौर पर वैश्विक मंदी व यूरोक्षेत्रीय ऋण संकट ने विभिन्न देशों के उद्योगों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित किया है। इसी तरह विश्व व्यापार केंद्र पर हमला यू एस - इराक युद्र, आई.एस व बढते अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद आदि ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार और अंतरराष्ट्रीय शांति को प्रभावित किया है।
संचार सुविधाओं में तेजी से विकास जैसे - इंटरनेट, दूरसंचार के उपकरण इत्यादि ने भी व्यवसाय को प्रभावित किया है। विभिन्न देशो में होने वाले फैशन शो, ब्यूटी कॉन्टेस्ट, अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक कार्यक्रम, अंतरराष्ट्रीय खेल आदि से एक देश की संस्कृति का प्रभाव दूसरे देशो में जाने लगा है। इससे कुछ व्यवसाय जैसे- फैशन डिजाइनिंग व्यवसाय, ड्रेस डिजाइनिंग व्यवसाय पर प्रभाव पड़ा है। यातायात और टेक्नोलॉजी विकास के कारण विश्व छोटा होता नज़र आ रहा है। आज के इस प्रतियोगी युग में विदेशी व्यापार से जुड़े व्यवसायी के लिए विदेशी भाषा सीखना व विदेशी मुद्रा की जानकारी आवश्यक हो गयी है ।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से विदेशी पूंजी के प्रवाह, विदेशी तकनीक, विदेशी उद्यम, विदेशी वस्तुओं व सेवाओं, विदेशी मीडिया आदि से जुड़ा है।
बहुराष्ट्रीय कंपनियों का योगदान न केवल विकासशील अपितु विकसित देशों में भी बढता जा रहा है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि ये बहुराष्ट्रीय कंपनियां किस कुशलता से विभिन्न देशों के बदलते वातावरण के साथ अपने आप को ढालती है। उदाहरण के तौर पर आई.बी.एम. कोका-कोला भारत में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के रूप में काम कर रही हैं। इन्फोसिस व विप्रो अमेरिका में तथा बिरला उद्योग अफ्रीका में कार्यरत हैं। यदि ये बहुराष्ट्रीय कंपनियां अंतरराष्ट्रीय वातावरण का विश्लेषण नहीं करतीं, तो इन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है एक बहुराष्ट्रीय कंपनी निम्नलिखित विभिन्न प्रकार के वातावरणों में कार्य करती है-
(i) घरेलु वातावरण इसका अभिप्राय
उस देश के आर्थिक, राजनितिक, कानूनी, तकनीकी, व सामाजिक-सांस्कृतिक वातावरण से है,
जिस देश में MNC कार्य करती है। मुख्य तौर पर MNC विदेशी विनियोग के प्रति सरकार की निति, उपभोक्ता रूचि व प्राथमिकताए घरेलु प्रतियोगिता, कानूनी व्यवस्था व MNC के प्रति लोगों के दृष्टिकोण से प्रभावित है।
(ii) विदेशी वातावरण
इसका अभिप्राय उस देश के वातावरण से है, जहां MNC का आधार है इसमें आधारभूत देश के राजनितिक, आर्थिक, कानूनी, तकनीकी वातावरण शामिल है।
(iii) अंतरराष्ट्रीय वातावरण:
यह वातावरण घरेलू वातावरण व विदेशी वातावरण के पारस्परिक संबंध से बनता है।
आज के वैश्वीकरण के युग में सभी देशों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार में वृद्धि हो रही है चाहे, वे विकसित हैं, या अल्पविकसित अंतरराष्ट्रीय व्यापार का लाभ सभी देशों को मिलना चाहिये, इस उद्देश्य के लिये तथा विदेशी व्यापार को नियमित करने के लिए बहुत से अंतरराष्ट्रीय संगठन बनाए गए है, जैसे- आई.एम.एफ वर्ल्ड बैंक, गैट, डब्लयू. टी. ओ. आदि । ये संगठन अंतरराष्ट्रीय व्यापार के नियमन व विकास के लिये समय-समय पर निर्देश जारी करते रहते हैं। इस तरह के अंतरराष्ट्रीय संगठन, अंतरराष्ट्रीय वातावरण के मुख्य घटक है।
पहले, व्यावसायिक इकाई का क्षेत्र राष्ट्रीय स्तर तक सीमित होता था, लेकिन अब इनका स्तर अंतरराष्ट्रीय हो सकता है एक ऐसी व्यावसायिक इकाई जिसने अपना कार्य विभिन्न देशों में फैला रखा है, उसे प्रत्येक देश के घरेलू वातावरण का अध्ययन करना पड़ता है। वातावरण का ध्यानपूर्वक विश्लेषण ही इकाई की सफलता का कारण बनता है।
इन इकाईयों को विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा बनाये गये नियमों को भी मानना पड़ता है। उदाहरण के लिए, कोका कोला कंपनी 150 देशों में कार्यरत है। इसे सफलता और विकास के लिए इन सभी देशों के वातावरण का विश्लेषण करना पड़ता है।
अंतरराष्ट्रीय आर्थिक वातावरण एक विस्तृत धारणा है कि जिसमें शेष विश्व से संबधित निम्न पक्षों का अध्ययन किया जाता है-
• विदेशी निवेश
• अंतरराष्ट्रीय संगठन
• विदेशी व्यापार संबंधी नीति
• अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते
• बहुराष्ट्रीय निगम
• नवीन अंतरराष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था
• विदेशी विनिमय प्रणाली
• भारत का विश्व व्यापार में भाग
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