औद्योगिक बीमारी को रोकने के उपाय या सुझाव - Measures or suggestions to prevent industrial disease

औद्योगिक बीमारी को रोकने के उपाय या सुझाव - Measures or suggestions to prevent industrial disease


(क) उत्पादन की बिक्री- उद्योग जिन वस्तुओं का उत्पादन करते हैं उनकी बिक्री की उचित व्यवस्था की आवश्यकता है। इसके लिए मांग का पूर्व अनुमान लगाना चाहिए। इसके साथ ही उपभोक्ताओं की रुचियों तथा प्राथमिकताओं के आधार पर उत्पादन पैदा करना चाहिए। 


(ख) आधुनिक तकनीक का प्रयोग:- उद्योगों में नई तकनीक का प्रयोग किया जाना चाहिए। आधुनिक मशीनें प्रयोग में लानी चाहिए। इससे न केवल उत्पादन शीघ्र तथा बढ़िया होगा, अपितु उत्पादन में वृद्धि भी होगी।


(ग) उत्पादन की उचित तकनीक का चुनाव- उत्पादन की उचित तकनीक का प्रयोग किया जाना चाहिए, ताकि उत्पादन की गुणवता में सुधार हो।

उचित तकनीक का प्रयोग करके उत्पादन में विविधता लाने का प्रयास करना चाहिए।


(घ) उत्पादन क्षमता का प्रयोग:- बिजली, कोयला, कच्चा माल तथा परिवहन की सुविधाए पर्याप्त मात्रा में सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। इससे उत्पादन क्षमता का पूर्ण उपयोग किया जा सकेगा तथा उत्पादन भी बढ़ेगा।


(ङ) औद्योगिक अनुसंधान - हिस्सेदारों को अपने स्वार्थ की ओर ध्यान नहीं देना चाहिए, अपितु औद्योगिक अनुसंधानों की व्यवस्था करनी चाहिए। अच्छे अनुसंधान द्वारा ही कोई भी औद्योगिक


इकाई अन्य इकाइयों से प्रतियोगिता कर सकती है।

(च) उचित प्रबंध भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार औद्योगिक रुग्णता का मुख्य कारण अकुशल


प्रबंधही है। इसलिए उद्योगों का उचित तथा कुशलता से प्रबंध किया जाना चाहिए । (छ) लागत में कमी उद्योगों में उत्पादन की लागत को कम करने का प्रयास करना चाहिए। साधनों के इष्टतम प्रयोग द्वारा तथा अपव्यय को कम करके लागत को कम किया जा सकता है।


लागत कम होने से प्रतियोगी शक्ति बढ़ सकेगी। (ज) उत्पादन का उपयुक्त पैमाना उत्पादन की लागत में कमी करने के साथ लाभ में वृद्धि


करने की अत्यंत आवश्यकता है इसके लिए उद्योगों का उत्पादन का पैमाना आवश्यकता के


अनुसार तथा उपयुक्त होना चाहिए।


(झ) प्रशिक्षित स्टॉफ - उद्यम की सफलता के लिए प्रशिक्षित तथा अनुभवी स्टॉफ का होना आवश्यक है। इसके लिए समय-समय पर वर्कशाप या संगोष्ठियों का आयोजन करना चाहिए, ताकि कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण दिया जा सके। इसके साथ ही अनुभवी और कुशल कर्मचारियों की नियुक्ति करनी चाहिए। व्यवसाय में आवश्यकता से अधिक कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं करनी चाहिए।


(ञ) धन के हस्तान्तरण पर रोक- एक कारखाने से दूसरे कारखाने में धन के हस्तांतरण पर रोक लगानी चाहिए। इसके लिए कानूनी तौर से प्रतिबंध होना चाहिए। 


(ट) सस्ती ऋण सुविधाए बीमार इकाइयों को कम ब्याज दर पर ऋण सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए। इसके साथ ही कम मार्जिन पर रियायती ऋण दिया जाना चाहिए। इससे आरंभ में ही रुग्णता को रोकना आसान हो जाएगा।


(ठ) उचित गाव:- उच्च अधिकारियों द्वारा प्रोजेक्ट की उचित जांच की जानी चाहिए। 


जोखिमपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए उचित तकनीकी सलाह लेनी चाहिए। समय-समय पर जांच करने पर औद्योगिक रुग्णता के विभिन्न कारणों का पता लगाया जा सकता है साथ में ही सुधार के लिए उचित उपाय भी अपनाए जा सकते हैं। उपरोक्त वर्णन से प्रतीत होता है कि औद्योगिक बीमारी के अनेक कारण है, इसलिए औद्योगिक बीमारी निरंतर बढ़ रही है। विभिन्न उपायों को अपनाकर इसे रोका जा सकता है।