दसवी योजना में निर्धनता दूर करने के उपाय - Measures to remove poverty in the tenth plan

दसवी योजना में निर्धनता दूर करने के उपाय - Measures to remove poverty in the tenth plan


भारत सरकार ने सामाजिक सेवाओं के विकास के लिए इस योजनाकाल में 3,47,391 करोड़ रु. रखे गए जो कि सार्वजनिक व्यय का 228 प्रतिशत है। इसमें निर्धन वर्ग को ऊपर उठाने के लिए इस राशि को शिक्षा, चिकित्सा तथा सार्वजनिक सेहत, गृह तथा शहरी विकास पर खर्च किए जाएगा। इसका उद्देश्य निर्धनता अनुपात को प्रतिशत आधार पर कम करना है। दसवीं योजना में निर्धनता उन्मूलन के लिए निम्न कार्यक्रम अपनाए जा सकते हैं-


(i) ग्रामीण क्षेत्रों में गैर-कृषि रोजगार प्रदान करने के लिए तथा छोटे तथा ग्रामीण उद्योगों के विकास के लिए विशेष प्रयत्न किए जाने चाहिए।


(ii) सीमांत तथा छोटे किसानों, कारीगरों और अप्रशिक्षित श्रमिकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए प्रयत्न किए जाने चाहिए।


(iii) स्त्री वर्ग की निर्धनता उन्मूलन स्कीमों को लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, विशेषकर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में काम के लिए अनाज स्कीम जारी करना ।


(iv) ग्राम सभाओं को फंड्स तभी दिए जाने चाहिए जब जनता का भी कुल खर्च में 5 प्रतिशत से 15 प्रतिशत तक योगदान हो ।


(v) संकटकालीन क्षेत्रों में मजदूरी रोजगार प्रोग्राम लागू किया जाना चाहिए। उत्पादक कामों के चलाने तथा उनके रख-रखाव पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए जैसे ग्रामीण सड़कें, वाटरशेड विकास, तालाबों की सफाई व ठीक देखभाल, अधिक वन उगाना, सिंचाई तथा नालियों की व्यवस्था मजदूरी का भुगतान अधिकतर, नकदी के साथ कुछ खाद्यान्न के रूप में होना चाहिए।


(vi) स्वर्णजयंती ग्राम स्वरोजगार योजना को सूक्ष्म वित्त कार्यक्रम में बदल लेना चाहिए और बिना किसी आर्थिक सहायता दिए इनका संचालन बैंको तथा अन्य वित्तीय संस्थाओं द्वारा करना चाहिए। 


निर्धनता को दूर करने के लिए ग्यारहवीं योजना में अपनाने वाले कदम- 


1. सकल घरेलू उत्पाद की विकास दर 8 से 10 प्रतिशत प्रति वर्ष तक बढ़ाना, ताकि सन 2016-17 तक लोगों की प्रति व्यक्ति आय दुगनी हो सके।


2. कृषि क्षेत्र का सकल राष्ट्रीय उत्पाद 4 प्रतिशत प्रति वर्ष तक बढ़ाना, ताकि विकास का लाभ सभी वर्गों तक पहुंच सके।


3. 70 मिलियन लोगों के लिए अतिरिक्त रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे। 


4. अकुशल श्रमिकों की वास्तविक मजदूरी को कम से कम 20 प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा।


5. ग्रामीण निर्धन वर्ग के लिए 60 लाख घरों का निर्माण किया जाएगा।