अन्वेषण की पद्धतियां - methods of exploration

अन्वेषण की पद्धतियां - methods of exploration


(i) साहित्य अध्ययन


(ii) अनुभव सर्वेक्षण


एमोर्य के अनुसार, "अन्वेषण अवस्था साहित्य के सर्वेक्षण की है। सम्बद्ध साहित्य का अध्ययन अनुसंधान प्ररथना के लिए आवश्यक है, क्योंकि इसके बिना विषय संबंध में कोई भी आरंभिक ज्ञान नहीं हो सकता है साहित्यिक अध्ययन आगे जांच के लिए अनेक बातों का नेतृत्व करता है, जोकि 1 अनुसंधान में अग्रिम होता है, विशेषतः उस समय जबकि विषय पर स्पष्ट रूप से नहीं जानते है। द्वितीय, इस प्रकार की अनुसंधान प्ररचना के लिए अनुभव सर्वेक्षण भी आवश्यक है। अन्य शब्दों में उन सभी व्यक्तियों से संपर्क स्थापित करना लाभप्रद होता है जिनके बारे में यह ज्ञात होता है कि उन्हें अनुसंधान विषय के संबंध में पर्याप्त ज्ञान या अनुभव है। ऐसे व्यक्ति विभिन्न चलों के मध्य सबंधों में अंतर्दृष्टि विकसित करने में सहायता कर सकते हैं।


एमोर्य के अनुसार अन्वेषणात्मक अध्ययन का अंत तब होता है जबकि अनुसंधानकर्ता को यह विश्वास हो जाता है कि उसने अनुसंधान कार्य के प्रमुख आयामों को प्राप्त कर लिया है जिनका कि उसे सामना करना है। यह सहायक जाव प्रश्नों के समूह को परिभाषित कर सकता है जिनका उपयोग वह अपनी विस्तृत अनुसंधान प्ररचना में निर्दिष्ट मार्गदर्शक के रूप में कर सकता है या वह उस स्थिति तक पहुंच सकता है जहां उसे एक निर्दिष्ट समस्या स्थिति के संभावित कारणों के बारे में अनेक संभावित परिकल्पनाओं का विकास करना होता है। सार रूप में अन्येषाणात्मक अनुसंधान प्ररचना रचना उन आधारों को प्रस्तुत करती है जो एक सफल कार्य के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।


अन्वेषणात्मक अनुसंधान के प्रमुख कार्य एवं उद्देश्य निम्नलिखित है


(i) अनुसंधान विषय की जानकारी करना।


(ii) अनुसंधान की संभावनाओं का पता लगाना तथा उसके क्षेत्र का निर्णय करना।


(iii) अवधारणाओं का स्पष्टीकरण तथा नवीन अवधारणाओ की खोज करना ।


(iv) परिकल्पनाओं का निर्माण करना।


(v) अनुसंधान के लिए नये नये अध्ययन के क्षेत्रों का विकास करना तथा अनुसंधानकर्ताओं को अन्तर्दृष्टि प्रेरक घटनाओं के संपर्क में लाना।


(vi) अनुसंधान की योजना तथा प्रारूप तैयार करने के लिए प्रारंभिक तथा प्राथमिक सामग्री प्रदान करना।


(vii) प्राथमिक सामग्री प्रदान करके अनुसंधान के क्षेत्रों का विकास करना।


(viii) भविष्य में आने वाले अनुसंधान के विषय में प्रधानता या प्रमुखता की स्थापना करना।


(ix) महत्त्वपूर्ण विपणन अनुसंधान के विषयों तथा समस्याओं की ओर अनुसंधानकर्ताओं का ध्यान दिलाना।