बहुस्तरीय दैव प्रतिदर्श - multilevel visualization

बहुस्तरीय दैव प्रतिदर्श - multilevel visualization

इस रीति में निदर्श चुनने का कार्य अनेक स्तरों में किया जाता है। प्रत्येक स्तर में देव चयन निदर्श द्वारा इकाइयां छोटी जाती है। उदाहरण के लिए, मध्य प्रदेश राज्य में लक्स साबुन की प्रतिनदर्शनति परिवार खपत ज्ञात करने के लिए यदि इस रीति द्वारा निदर्श चुन कर सर्वेक्षण किया जाये तो पहले देव आधार पर (मान लीजिए) 50 जिले छाट लिए जायेंगे, फिर उन 32 जिलों में से 10-10 गांव छाट लिए जायेंगे फिर 500 गावों में से 2-2 परिवार चुन लिये जायेंगे। इस प्रकार कुल 1000 छोटे हुए परिवारों के आधारों पर मध्य प्रदेश राज्य में प्रति परिवार लक्स साबुन की खपत का यथोचित अनुमान लगाया जा सकता है। चूंकि इस पूरी प्रक्रिया में अनुसंधानकर्ता एक से अधिक स्तरों पर निदर्शन पद्धति का उपयोग करता है. अत इसी कारण इसे बहुस्तरीय देव निदर्शन कहा जाता है। निम्न तालिका बहु स्तरित निदर्शन विधि को पूर्णतः स्पष्ट करती है:


सारणी से यह स्पष्ट है कि आकार अनुपात में शहर क ख ग में सम्भाव्य निर्देशन के द्वारा सम्पूर्ण चयन की सम्भावना समान है। वास्तव में समूह प्रतिदर्श तथा बहुस्तरीय प्रतिदर्श विधिया दोनों एक-दूसरे से निकट रूप से संबंधित है। बहु स्तरीय निदर्शन का प्रयोग वहा किया जाता है जहां प्रथम स्तर पर चयनित समूहों में उप-निदर्शन होते है जहां वे समूह व्यक्तित्व रूप से निदर्श होते है समूह निदर्शन प्रारम्भ हो जाता है विपणन के अंतर्गत इसका उपयोगी उदाहरण है कि जहा राष्ट्रीय विक्रय शक्ति की विक्रय कुशलता को जानने हेतु अनुसंधान योजना बनाया जाता है। यह मानते हुए कि कंपनी के संगठन में विक्रय क्षेत्र भी सम्मिलित है, इनका देव चयन किया जाता है और चुने हुए क्षेत्र में प्रत्येक विक्रेता की कुशलता का अध्ययन किया जाता है। यह समूह निदर्शन दृष्टिकोण है।