राष्ट्रीय आय अथवा साधन लागत पर राष्ट्रीय आय - National Income or National Income at Factor cost

राष्ट्रीय आय अथवा साधन लागत पर राष्ट्रीय आय - National Income or National Income at Factor cost


उत्पत्ति के सभी साधनों जैसे भमि श्रम, पूजी संगठन व साहसी को प्राप्त होने वाले आय सम्बन्धी भुगतानों के योग को राष्ट्रीय आय कहते हैं। दूसरे शब्दों में विशुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (NNP) में से उत्पाद को द्वारा चुकाये गये अप्रत्यक्ष कों को घटा देने और सरकार द्वारा फर्मों को प्रदत्त आर्थिक सहायता (Subsidies) को जोड़कर देने पर राष्ट्रीय आय प्राप्त हो जाती है।


सूत्र के रूप में


BNI = NNP – Indirect Taxes + Government Subsidies


NI = GNP – Depreciation - Indirect Taxes + Subsidies 


प्रश्न उठता है कि राष्ट्रीय आय की मात्रा, विशुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद ( NNP) के बराबर क्यों नहीं होती ? अर्थात NNP में से अप्रत्यक्ष कर क्यों घटा दिये जाते हैं तथा इसमें आर्थिक सहायता क्यों जोड़ दी जाती है ? इसका उत्तर अत्यन्त सरल है। चूंकि NNP की कुल मात्रा उत्पत्ति के साधकों मकै बीच वितरण के लिये उपलब्ध नहीं होती क्योंकि व्यवसायिक फर्मों को अपने उत्पादन पर सरकार को अप्रत्यक्ष कर (जैसे excise duty ) भी चुकाने पड़ते हैं, इसलिये इन करों की मात्रा को छछट से घटा दिया जाता है। इसी प्रकार फर्मों को सरकार द्वारा कभी कभी आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है जिसे NNP में जोड़ दिया जाता है। ध्यान में रखने वाली बात यह है कि राष्ट्रीय आय की धारणा का सीधा सम्बन्ध आर्थिक न्याय की धारणा से होता है।