अंतरराष्ट्रीय विपणन की प्रकृति - Nature of International Marketing

अंतरराष्ट्रीय विपणन की प्रकृति - Nature of International Marketing


(क) जटिल प्रकृति अंतरराष्ट्रीय विपणन में विभिन्न देशों के विपणन वातावरण का विश्लेषण करना पड़ता है जो बहुत जटिल कार्य है। इन सभी देशों में विपणन वातावरण के किसी न किसी संघटक में विभिन्नता पायी जाती है।


(ख) व्यापक क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय विपणन में बाजार बहुत विशाल होता है, क्योंकि उत्पाद सेवा को किसी भी देश में बेचा जा सकता है। बाजार की सीमा किसी एक देश तक सीमित नही होती, जैसे- कोका-कोला सॉफ्ट ड्रिंक बहुत अधिक देशों में बिक रही है।


(ग) नियंत्रणीय व गैर-नियंत्रणीय चर: अंतरराष्ट्रीय विपणन वातावरण में नियंत्रणीय व गैर-नियंत्रणीय दोनो तरह के घर शामिल हैं। विपणन सम्मिश्र के तत्व 4पी उत्पाद कीमत स्थान एवं प्रोत्साहन,

संवर्धन नियंत्रणीय (Product, Price, Place, Promotion ) घर है, जबकि घरेलू देश व विदेशो में विपणन वातावरण के बाहरी संघटक, जैसे- प्रतियोगी इकाइयां सरकारी नीति, तकनीकी वातावरण, राजनीतिक वातावरण आदि नियंत्रणीय चर है।


(घ) अधिक जोखिमपूर्ण विभिन्न देशों मे देशीय व राजनैतिक जोखिम के कारण अंतरराष्ट्रीय विपणन अधिक जोखिम वाला है। विदेशी विपणन में अधिक अनिश्चिताएँ होती हैं।


(ङ) विशेषज्ञों की सेवाओं की आवश्यकता विदेशी विपणन बहुत जटिल होता है। इसके लिए विशेषज्ञों, जैसे- निर्यात एजेंटों, पैकेजिंग कंपनियों, जहाजरानी कंपनियों, सूचना तकनीकी विशेषज्ञों आदि की सेवाऐं लेनी पड़ती है।


(च) अधिक प्रतिस्पर्धा : घरेलू विपणन की तुलना में अंतरराष्ट्रीय विपणन में बहुत अधिक प्रतिस्पर्धा होती है। विदेशी विपणन में अन्य वैश्विक कंपनियों से.. मूल देश के घरेलू निर्यातको से व मेजबान देश अर्थात् जिस देश में अंतरराष्ट्रीय विपणन किया जाना है, वहां की घरेलू इकाईयों से प्रतिस्पर्धा का सामना पड़ता है।