मानव संसाधन नियोजन की आवश्यकता - need for human resource planning

मानव संसाधन नियोजन की आवश्यकता - need for human resource planning


मानव शक्ति नियोजन का लक्ष्य मानव शक्ति के अपव्यय को रोककर उसका प्रभावशाली और अधिकतम उपयोग करना होता है। इसका कारण यह है कि उपलब्ध जन- संसाधन में से संगठन अपनी आवश्यकतानुसार कर्मचारियों का चयन कर सके, इसके लिए सावधानी बरतना आवश्यक हो जाता है। पुराने कर्मचारी की मृत्यु, सेवानिवृति, त्यागपत्र आदि कारणों से संस्था में नए कर्मचारियों की भर्ती जरूरी हो जाती है। सही कार्य पर सही व्यक्ति की नियुक्ति के लिए उसकी खोज एवं नियुक्ति की आवश्यकता आज अत्यधिक बढ़ गई है।


मानव शक्ति नियोजन की आवश्यकता निम्नलिखित बिंदुओं से स्पष्ट हो जाती हैं


1. कर्मचारी लागत कम करने में सहायक


2. भर्ती के स्त्रोत ढूँढने में सहायक


3. चयन, नियुक्ति तथा प्रतिस्थापना में सहायता करना


4. कर्मचारी का विकास


5. कर्मचारी अपव्यय नियंत्रण


6. कर्मचारी आवर्तन पर नियंत्रण बनाना


7. निरंतर उत्पादन को संभव बनाना


8. औद्योगिक शांति


1. कर्मचारी की लागत कम करने में सहायक


कच्चे माल के बाद लागत का एक बड़ा भाग श्रम ही होता है। कर्मचारी और श्रम की लागत को कम करने के लिए इस पर नियंत्रण जरुरी होता है।


मानव संसाधन नियोजन कर्मचारी ज्यादा या कमी को दूर करके संस्था के लिए एक आदर्श कर्मचारी संसाधन की व्यवस्था करता है।


2. भर्ती के स्रोत ढूँढ़ने में सहायक


भविष्य में किस प्रकार के कर्मचारियों की आवश्यकता होगी उसका निर्धारण हो जाने के बाद ही भर्ती से सही चयन किया जा सकता है। मानव संसाधन नियोजन कर्मचारियों में किस गुण स्तर की आवश्यकता होगी, यह निश्चित किया जा सकता है।


3. कर्मचारियों के चयन नियुक्ति तथा प्रतिस्थापना में सहायक


किसी संगठन में कर्मचारी प्रबंध का उद्देश्य सही कार्य पर सही व्यक्ति का चयन और नियुक्ति करना होता है। संगठन के लिए मानव शक्ति की आवश्यकता का नियोजन करके सुविधा पूर्वक उपयुक्त व्यक्तियों का चयन तथा नियुक्ति की जा सकती है।


4. कर्मचारी का विकास


कर्मचारियों के विकास कार्यक्रमों को प्रभावी तभी बनाया जा सकता है, जबकि विकास कार्यक्रमों को मानव शक्ति नियोजन से संबद्ध किया जाए। कर्मचारी के पदों एवं अपेक्षित योग्यताओं का पूर्वज्ञान ही प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आधार होता है।


5. कर्मचारी के अपव्यय पर नियंत्रण


किसी संगठन में सावधानीपूर्वक मानवशक्ति के नियोजन के द्वारा ही मानव संसाधन के अपव्यय को रोका जा सकता है।

मानव शक्ति नियोजन के अभाव में कर्मचारी की आवश्यकताओं की पूर्ति बिना किसी निश्चित मापदंडों के हो जाती है और इस प्रकार संभव है कि संगठन में अनुपयुक्त कर्मचारी की भर्ती हो जाए।


6. कर्मचारी के आवर्तन पर नियंत्रण करना


किसी संगठन में उपयुक्त कर्मचारियों का चयन एवं नियुक्ति कर्मचारी आवर्तन में कमी लाने में सहायक होती है। कर्मचारी आवर्तन की दर अधिक होने से उपक्रम को अनेक हानियों का सामना करना पड़ता है।


7. निरंतर उत्पादन को संभव बनाना


उत्पादन विघटन पर रोक के लिए मानव शक्ति नियोजन प्रभावकारी साधन है। आवश्यकता पड़ने पर मानव शक्ति का अभाव ही उत्पादन में बाधा उत्पन्न करता है। मानव संसाधन नियोजन मानव-शक्ति की माँग तथा पूर्ति में संतुलन की स्थापना कर निरंतर उत्पादन में बाधा उत्पन्न नहीं होने देता।


8. औद्योगिक शांति


मानव संसाधन नियोजन औद्योगिक अशांति में कमी लाने में सहायक होता है। उपयुक्त मानव संसाधन नियोजन से विभिन्न श्रम समस्याएँ तथा श्रम - आवर्तन, श्रम निष्कासन, पदोन्नति, छटनी आदि उत्पन्न नहीं होती है।