अंतरराष्ट्रीय व्यासायिक परिवेश के अध्ययन की आवश्यकता - The need to study the international business environment

अंतरराष्ट्रीय व्यासायिक परिवेश के अध्ययन की आवश्यकता - The need to study the international business environment


अंतरराष्ट्रीय वातावरण के सभी तत्व किसी भी इकाई के वातावरण को प्रभावित करते हैं। अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़ी व्यावसायिक इकाई की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि इस बदलते हुए अंतरराष्ट्रीय वातावरण के अनुसार अपनी नीतियों को बदला जाए। अंतरराष्ट्रीय वातावरण का प्रभाव विशेषकर ऐसी इकाइयों पर अधिक पड़ता है जो आयात-निर्यात के क्षेत्र में लगी है। अंतरराष्ट्रीय वातावरण के अध्ययन का महत्व निम्न कारणों से स्पष्ट होता है।


(i) अंतरराष्ट्रीय व्यापार में वृद्धि


(i) बहुराष्ट्रीय कम्पनियों का बढ़ ता योगदान


(iii) विदेशी निवेश में वृद्धि


(iv) विभिन्न देशों में वस्तुओं का स्वतन्त्र प्रवाह टैरिफ और गैर-टैरिफ रुकावटों में कमी।


(v) तकनीक का स्वतन्त्र प्रवाह


(vi) अंतरराष्ट्रीय संगठन, जैसे IME विश्व बैंक, विश्व व्यापार संगठन और युकाटाड का बढ़ ता योगदान


(vii) अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक समझौतों में वृद्धि


(viii) एक देश में आर्थिक राजनीतिक, कानूनी, सामाजिक- सांस्कृतिक, तकनीकी वातावरण का अन्य देशों के वातावरण पर प्रभाव।


(ix) एक देश के आर्थिक संकट, व्यापार चकों आतंकवाद, युद्ध आदि का अन्य देशों पर प्रभाव।