अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए उत्पाद का विकास - New product development in international markets
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए उत्पाद का विकास - New product development in international markets
वैश्विक इकाइयां जो सफलतावपूर्वक नये उत्पादों का विकास करती हैं वे बहुत बड़ी राशि में लाभ कमा सकती है। व्यावसायिक इकाइयों को उत्पादों के आधार पर तथा देशों के आधार पर लंबी समय अवधि के लिए निर्यातों का विश्लेषण करते रहना चाहिए। इससे वैश्विक बाजार की संभावित मांग की गहन जानकारी प्राप्त होती है। माग के आधार का अध्ययन जनसंख्या के आकार के आधार पर प्रति व्यक्ति आय तथा इनमें वृद्धि दर के आधार पर किया जा सकता है जो व्यावसायिक इकाइयां सफलतापूर्वक नए उत्पाद का विकास व विपणन करती है नवीन उत्पाद विकास सफलता पर किए गए एक अध्ययन के अनुसार लगभग 20 प्रतिशत नई उत्पाद विकास परियोजनाएं ही सफलतापूर्वक नए उत्पादों का वाणिज्यीकरण कर पाती है।"
एक अन्य अध्ययन के अनुसार, केवल 12 प्रतिशत परियोजनाएं ही इतना लाभ कमा पाती है। नए उत्पाद विकास की अत्यधिक असफलता के कई कारण है जैसे- ऐसी टेक्नोलॉजी का विकास जिसकी मांग बहुत कम है, अच्छी टेक्नोलॉजी का उचित प्रकार से वाणिज्यीकरण न हो पाना, नए उत्पादों का ठीक से उत्पादन न हो पाना, नए उत्पाद को अनुचित समय पर बाजार में लाना, बाजार परीक्षण के लिए गलत बाजारों का चयन अपर्याप्त विपणन प्रयास, आदि नए उत्पाद विकास की सफलता के लिए यह आवश्यक है कि अनुसंधान व विकास विभाग उत्पादन विभाग व विपणन विभाग द्वारा एकीकृत रूप से कार्य किए जाए। यदि नया उत्पाद उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जाता है, तो इससे नए उत्पाद की सफलता की संभावना अधिक होगी। इसके लिए बाजार अनुसंधान द्वारा उपभोक्ता की अपूर्ण मागों को ध्यान में रखकर उत्पाद नवाचार किया जाना चाहिए बिना बाजार मांग व उपभोक्ता आवश्यकताओं का गहन अध्ययन किए यदि नया उत्पाद विकसित किया जाता है,
तो ऐसा संभव है कि उत्पाद तो अच्छा है लेकिन वह उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं अनुरूप नहीं है। इसके लिए यह जरूरी है कि अनुसंधान व विकास विभाग, उत्पादन विभाग तथा विपणन विभाग मिलकर एकीकृत प्रयास करें। इन एकीकृत प्रयासों से उत्पाद विकास लागत को न्यूनतम किया जा सकता है, उत्पाद की क्वालिटी में सुधार होता है तथा नए उत्पाद का वाणिज्यीकरण तेजी से किया जा सकता है। यदि उत्पादन योग्यताओं व क्षमताओं को ध्यान मे रखे बिना नए उत्पाद का डिजाइन तैयार किया जाता है तो ऐसा समय है कि उस उत्पाद का निर्माण करना बहुत मुश्किल हो। ऐसे में नए उत्पाद का डिजाइन पुन तैयार करना पड़ता है। दोबारा उत्पाद डिजाइन बनाने से उत्पाद विकसित करने की लागत भी बहुत बढ़ जाती है तथा इससे नए उत्पाद को बाजार में लाने में समय भी बहुत अधिक लग जाता है।
वैश्विक कंपनी को विभिन्न देशों में अनुसंधान व विकास केंद्र स्थापित करने चाहिए ये अनुसंधान व विकास केंद्र ऐसे क्षेत्रों में स्थापित किए जाते हैं.
1 जहा मूल्यावान वैज्ञानिक ज्ञान विकास सुविधाए, अनुसंधान कौशल आदि उपलब्ध हो विभिन्न देशों में स्थित अनुसंधान व विकास केंद्रों में औपचारिक व अनौपचारिक एकीकरण व्यवस्था स्थापित की जाती है। इसके अलावा इन अनुसंधान विकास केंद्रों, उत्पादन इकाइयों व विपणन इकाइयों में भी एकीकरण व्यवस्था स्थापित की जाती है। अनुसंधान व विकास विभाग, उत्पादन विभाग व विपणन विभाग में एकीकरण स्थापित करने के लिए इन तीनों विभागों के प्रतिनिधियों की संयुक्त कमेटी बनाई जानी चाहिए। यह कमेटी नवीन उत्पाद समिति के रूप में कार्य करती है। नवीन उत्पाद विकास समिति का मुख्य उद्देश्य नवीन उत्पाद विकास परियोजना को उत्पाद अवधारणा की प्रारंभिक अवस्था से बाजार प्रवेश तक हो जाना है। नवीन उत्पाद विकास समिति में प्रत्येक कार्यात्मक विभाग से कम से एक प्रतिनिधि सदस्य अवश्य होना चाहिए ये विभाग भिन्न-भिन्न देशों में कार्यरत हो सकते हैं अतः नवीन उत्पाद विकास समिति बहुराष्ट्रीय सदस्यों वाली हो सकती है प्रभावकारी नवीन उत्पाद विकास हेतु इस समिति के सदस्यों को नवीन उत्पाद विकास परियोजना के कार्यकाल में एक ही स्थान पर हस्तांतरित किया जाना चाहिए। यदि ऐसा समय नहीं है तो इनकी नियमित रूप से संयुक्त सभाएँ आयोजित की जानी चाहिए नवीन उत्पाद विकास परियोजना की सफलता के लिए समिति के सदस्यों को कुछ न कुछ प्रोत्साहन अवश्य दिया जाना चाहिए, जैसे-नवीन उत्पाद का सफलतापूर्वक वाणिज्यीकरण होने पर समिति के सदस्यों को बोनस दिया जाना चाहिए।
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