सारणीयन के उद्देश्य एवं लाभ - Objectives and Benefits of Tabulation
सारणीयन के उद्देश्य एवं लाभ - Objectives and Benefits of Tabulation
सारणीयन वर्गीकृत समको को पक्ति एवं खानों में क्रमबद्ध रूप में जमाने की प्रक्रिया है। इसका प्रमुख उद्देश्य वर्गीकृत तथ्यों को सरल तथा बोद्धगम्य बनाना एवं तुलना योग्य बनाना है। बाउले के अनुसार, साख्यिकीय अनुसंधान की सामान्य योजना में सारणीयन का कार्य अनुसंधान से संबंधित उत्तर को सुलभ रूप में क्रमबद्ध करना है।" संक्षेप में, सारणीयन के प्रमुख उद्देश्य एवं लाभ निम्नलिखित है-
(i) सरलता सारणीयन का यह लाभ है कि इसके द्वारा वर्गीकृत समकों को आसानी से समझा जा सकता है। सारणी में समको को दोनों और से (अर्थात ऊपर-नीचे से या दायी बायी ओर से पढ़ा जा सकता है अन्य शब्दों में अनुसंधान विषय से संबंधित जितने नी संकलित तथ्य हैं,
उन्हें व्यवस्थित तार्किक एवं वैज्ञानिक ढंग से प्रस्तुत किये जाने के कारण उन्हें आसानी से समझा जा सकता है।
(ii) तथ्यों की तुलना में सुविधा सारणीयन के द्वारा समको की तुलना में सुविधा रहती है। चूंकि सारणीयन में समान व तुलना योग्य तथ्यों को निकटवर्ती खानों में रखा जाता है। अत: तुलनात्मक अध्ययन आसानी से किया जा सकता है। इतना ही नहीं, सारणी में प्रतिशत, अनुपात, गुणक आदि के प्रयोग से तुलनात्मक अध्ययन और आसान हो जाता है।
(iii) समय एवं स्थान की बजत सारणीयन का तृतीय महत्वपूर्ण लाभ यह है कि इसके द्वारा बहुत से तथ्यों को संक्षिप्त एवं कृमबद्ध रूप में ही तय कर दिया जाता है। अतः समय एवं स्थान की पर्याप्त बचत हो जाती है।
(iv) सूचनाओं का एक स्पष्ट चित्र सारणीयन के द्वारा समंकों का एक संक्षिप्त चित्र प्रस्तुत किया जा सकता है जिससे अनुसंधाकर्ता एक नजर में ही उन्हें आसानी से समझा सकता है।
(v) साख्यिकीय विश्लेषण का आधार सारणीयन साख्यिकीय विश्लेषण का प्रमुख आधार है। समको को सारणीबद्ध करके ही माध्य विचरण, विषमता, सह संबंध आदि आसानी से ज्ञात किये जा सकते हैं।
उपर्युक्त बिंदु यह बताते हैं कि सारणीयन सांख्यिकीय में एक महत्वपूर्ण किया है, लेकिन इसकी भी निम्न सीमाए हैं
→ सारणीयन द्वारा केवल संख्यात्मक तथ्यों को प्रस्तुत किया जा सकता है
→ सारणीयन की प्रमुख विशेषताएं
→ पूर्ण शुद्धता का अभाव।
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