Pakistan
पाकिस्तान - Pakistan
हालाकि राजनीतिक क्षेत्र में भारत और पाकिस्तान एक दूसरे से बिलकुल भिन्न हैं, फिर भी विभिन्न आर्थिक नीतियों में सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्रों के सह अस्तित्व वाली मिश्रित अर्थव्यवस्था मॉडल का अनुसरण दोनों ही देश करते हैं।
1950 और 1960 के दशकों के अंत में पाकिस्तान के अनेक प्रकार की नियंत्रित नीतियों का प्रारूप लागू किया गया। उक्त नीति में उपभोक्ता वस्तुओं के विनिर्माण के लिए प्रशुल्क संरक्षण करना तथा प्रतिस्पर्धी आयातों पर प्रत्यक्ष आयात नियंत्रण करना शामिल था। हरित क्रांति के आने से यंत्रीकरण का युग शुरू हुआ और चुनिंदा क्षेत्रों की आधारिक सरचना में सरकारी निवेश में वृद्धि हुई, जिसके फलस्वरूप खाद्यान्नों के उत्पादन में भी वृद्धि हुई। इसके कारण कृषि भूमि संबंधी संरचना में भी नाटकीय ढंग से परिवर्तन हुआ।
1970 के दशक में पूंजीगत वस्तुओं के उद्योगों का राष्ट्रीयकरण हुआ। उसके बाद पाकिस्तान ने 1970 और 1980 के दशको के अंत में अपनी नीति उस समय बदल दी जब राष्ट्रीयकरण पर जोर दिया जा रहा था। पाकिस्तान को पश्चिमी देशों से भी वित्तीय सहायता प्राप्त हुई और मध्य-पूर्व देशों को जाने वाले प्रवासियों से निरंतर पैसा मिला। इससे देश की आर्थिक संवृद्धि को प्रोत्साहन मिला।
तत्कालीन सरकार ने निजी क्षेत्र को और भी प्रोत्साहन प्रदान किए। इन सबके कारण नए निवेशों के लिए अनुकूल वातावरण बना। 1988 में देश सुधार शुरू किए गए।
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