अल्पकाल में एकाधिकारात्मक प्रतिस्पर्द्धा के अन्तर्गत कीमत एवं उत्पादन निर्धारण - Price and Output Determination under Monopolistic Competition in the Short Run
अल्पकाल में एकाधिकारात्मक प्रतिस्पर्द्धा के अन्तर्गत कीमत एवं उत्पादन निर्धारण - Price and Output Determination under Monopolistic Competition in the Short Run
पूर्ण प्रतिस्पर्द्धा एवं एकाधिकारी की तरह एकाधिकारात्मक प्रतिस्पर्द्धा अथव अपूर्ण प्रतियोगिता के अन्तर्गत एक फर्म का अल्पकालीन साम्य उत्पादन व विक्रय की उस मात्रा पर हाता है जिस पर वस्तु की सीमान्त आगम (MR) और सीमान्त लागत (MC) बराबर हों। अल्पकाल समय की छोटी अवधि होती है जिसके अन्तर्गत फर्म अपनी उत्पादन क्षमता को माँग के अनुसार समायोजित नहीं कर पाती है। वह केवल दी हुई उत्पादन क्षमता का अधिकतम उपयोग करके पूर्ति में वृद्धि कर सकती है जो माँग के अनुरूप नहीं हो पाती है। अतः अल्पकाल में एक फर्म को लाभ, हानि तथा सामान्य लाभ इन तीनों में से किसी भी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। यदि वस्तु की अधिक माँग हैं और बाजार में उसका कोई निकट का स्थानापन्न (Close substitute) नहीं है तो फर्म ऊँची कीमत रखकर लाभ कमा सकती है, यदि वस्तु की माँग बहुत कमजोर हैं तो फर्म को सामान्य लाभ प्राप्त होगा तथा यदि वस्तु की माँग बहुत अधिक कमजोर है तो फर्म को हानि उठानी पड़ सकती है।
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