अल्पाधिकार के अन्तर्गत मूल्य-निर्धारण - Price Determination under Oligopoly
अल्पाधिकार के अन्तर्गत मूल्य-निर्धारण - Price Determination under Oligopoly
अल्पाधिकार के अन्तर्गत मूल्य एवं उत्पादन निर्धारण का विश्लेषण आसान नहीं है जैसा कि प्रो. लेफ्टविच ने कहा है, अल्पाधिकार के अन्तर्गत कीमत व उत्पत्ति-निर्धारण का विश्लेषण उतना स्पष्टव सुनिश्चित नहीं होता जितने शुद्ध प्रतियोगिता व एकाधिकार में होता है। ऐसा अंशतः तो अल्पाधिकार अनिश्चितता (Oligopolistic Uncertainty ) की वजह से होता है- अनेक बार एक अल्पाधिकारी को इस बात की निश्चित जानकारी नहीं होती कि उसकी विभिन्न किस्म की क्रियाओं से उसके प्रतिस्पर्धीयोग पर क्या प्रतिक्रियाएँ होंगी और अशतः इस वजह से होता है कि अल्पाधिकार के अन्तर्गत कई प्रकार की स्थितियाँ पाई जाती है जिनमें प्रत्येक के अपने विशेष लक्षण होते हैं।
अल्पाधिकार का सामान्य सिद्धान्त न तो इस समय विद्यमान है और न निकट भविष्य में ही इसके हो सकने की कोई सम्भावना प्रतीत होती हैं।"
अल्पाधिकार के अन्तर्गत मूल्य निर्धारण की निम्न तीन दशायें प्रमुख हैं:
(1) स्वतन्त्र मूल्य निर्धारण (Independent Pricing)
(2) गुटबन्दी के अन्तर्गत मूल्य निर्धारण (Pricing Under Collusion )
( 3 ) मूल्य नेतृत्व के अन्तर्गत मूल्य निर्धारण (Pricing Under Price Leadership)
(1) स्वतन्त्र मूल्य निर्धारण (Independent pricing) इसके अन्तर्गत अल्पाधिकारी उद्योग की प्रत्येक फर्म द्वारा अपनी स्वतन्त्र मूल्य और उत्पादन नीति अपनायी जाती है।प्रत्येक विक्रेता द्वारा स्वतन्त्र रूप से निर्धारित कीमत अल्पाधिकार कीमत होगी, यदि उत्पादन एक दूसरे विक्रेता से भिन्न है।
दूसरी ओर सभी फर्मों द्वारा समरूप उत्पादन करने पर अल्पाधिकार उद्योग में स्वतन्त्र मूल्य निर्धारण से वस्तु की एक सी कीमत होगी। यह उसी स्थिति में होगा जब कभी फर्मों के बीच बाजार बॅटा हुआ हो तथा लागत वस्तु भी समान हो। व्यवहार में फर्म समरूप उत्पादन नहीं करती हैं। फर्मों का माँग वक्र निश्चित नहीं होता है। इसके परिणामस्वरूप अनिश्चितता उत्पन्न हो जायेंगी। प्रथम, फर्मों में आपस में मूल्य युद्ध छिड़ सकता है तथा किमतों में अस्थिरता उत्पन्न हो सकती है। द्वितीय, प्रतिद्वन्द्विता की कीमत स्थिर रह सकती हैं और यह स्तर अनिश्चित हो सकता हैता है। तृतीय एक निश्चित स्तर पर कीमत होने पर वे कीमत में परिवर्तन करने के लिये मना कर सकते हैं। अनिश्चितता को न्यूनतम करने हेतु इस नीति का अनुसरण किया जाता है। अल्पाधिकारी फर्मे चालू कीमत को स्वीकार कर सकती हैं तथा इस कीमत पर बिकी तथा लाभ से सन्तुष्ट हो सकती है। इससे कीमत दृढ़ता (च्तपबम स्पहपकपजल) की स्थिति उत्पन्न हो जाती है ।
आधुनिक अर्थशास्त्रियों की मान्यता है
कि दीर्घकाल तक अल्पाधिकार के अन्तर्गत स्वतन्त्र मूल्य नीति चल नहीं सकती है। इससे अनिश्चितता, असुरक्षा तथा प्रतिद्वन्द्विता पनपने में वृद्धि तथा लागत को कम करने का प्रयास करती हैं और जहाँ तक सम्भव हो बाजार के एक बड़े भाग पर कब्जा करने का प्रयास किया जाता है। एक बड़ी फर्म या तो मूल्य नेतृत्व की नीति अनुसरण करती है अथवा छोटी-छोटी फर्मों को प्रतिस्पर्धा एवं कीमत युद्ध करके कमजोर कर देती है। इस प्रकार अल्पाधिकार में स्वतन्त्र कीमत निर्धारण एकाधिकारात्मक कीमत एवं प्रतिस्पर्द्धात्मक कीमत के बीच की सीमाओं में निर्धारित होगी। किंतु वास्तविक मूल्य इस बात पर निर्भर करेगा कि बाजार में कैसी परिस्थितियाँ प्रचलित हैं।
(2) गुटबन्दी के अन्तर्गत मूल्य निर्धारण (Pricing Under Collusion ) - स्वतन्त्र मूल्य एवं उत्पादन निर्धारण से प्रतिस्पर्द्धा, अनिश्चितता तथा असुरक्षा उत्पन्न हो जाती है। अर्थशास्त्र में गुटबन्दी से आशय प्रतियोगी फर्मों में आपस में कीमत एवं उत्पादन निर्धारण हेतू सहयोग करना है यह गुटबन्दी फर्मों के समन्वय एवं सहयोग पर आधारित होता है। यह गुटबन्दी दो प्रकार की होती है: 1 पूर्ण गुटबन्दी 2 अपूर्ण गुटबन्दी |
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