गुणवत्ता चक्र द्वारा प्रयुक्त समस्या समाधान उपकरण - Problem solving tools used by Quality Circles
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बुद्धिशीलता (Brainstorming)
बुद्धिशीलता (Brainstorming) एक समूह रचनात्मकता तकनीक है, जिसके द्वारा एक समूह किसी विशिष्ट समस्या के समाधान के लिए अपने सदस्यों द्वारा अनायास एवं सहजता से व्यक्त किए गए विचारों का संग्रहण करता है। इस तकनीक को एलेक्स फैकने ओसबोर्न द्वारा 1953 में उपयोग में लाया गया था जो आज भी अत्यंत प्रसिद्ध है। अपनी पुस्तक, Applied Imagination (1953)' में ओसबोर्न ने न सिर्फ इस तकनीक को प्रस्तावित किया था बल्कि बुद्धिशीलता सत्र की मेजबानी के लिए प्रभावी नियमों की स्थापना भी की थी।
बुद्धिशीलता को चक्र के प्रत्येक सदस्य द्वारा स्वतंत्र रूप से अपनी राय व्यक्त करने या एक मुक्त चर्चा में अपने विचारों को रखने के लिए प्रोत्साहित करने वाली पद्धति के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।
बुद्धिशीलता का उपयोग संगठन की सभी समस्याओं, उनके कारणों और संभावित प्रभावों को सूचीबद्ध करने के लिए किया जा सकता है।
बुद्धिशीलता में सर्वप्रथम किसी समस्या पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, और फिर दूर तक विचार करने के पश्चात् उस समस्या के सभी संभावित समाधानों को प्रस्तुत किया जाता है। इस तकनीक के प्रभावी होने का एक कारण यह भी है की सदस्य न सिर्फ अपने नए विचारों के साथ सामने आते हैं बल्कि अन्य सदस्यों द्वारा व्यक्त किए गए विचारों को भी विकसित एवं परिष्कृत करने का कार्य करते हैं।
किसी विशेष मुद्दे पर अनेक विचारों को उत्पन्न करने और फिर यह निर्धारित करने के लिए की उनमें से कौन सा विचार ( या एक से अधिक विचार) सर्वोत्तम है,
बुद्धिशीलता एक प्रभावी तकनीक हो सकती है। तनावमुक्त वातावरण में 8-12 सदस्यों के साथ, बुद्धिशीलता तकनीक का प्रयोग सर्वाधिक प्रभावी हो सकता है।
प्रभावी बुद्धिशीलता सत्र के लिए मुख्य आवश्यकताएं हैं- एक प्रोत्साहक शांत स्थल तथा सफेद बोर्ड या फ्लिप चार्ट जैसी कोई वस्तु जिस पर विचारों को लिखा जा सके। प्रोत्साहक की भूमिका सत्र का मार्ग दर्शन करना, सहभागीता को प्रोत्साहित करना तथा विचारों को लिखने की होती है।
बुद्धिशीलता, लोगों के एक विविध समूह के साथ सबसे और भी अधिक प्रभावशाली होती है।
प्रतिभागियों को संगठन के विभिन्न विभागों से होना चाहिए तथा उनकी पृष्ठभूमि भी भिन्न होनी चाहिए। यहाँ तक कि विशेषज्ञ क्षेत्रों में भी बाहरी लोगों द्वारा प्रस्तुत नए विचार विशेषज्ञों को प्रेरित कर सकते हैं।
बुद्धिशीलता के प्रमुख चरण इस प्रकार हैं:
(क) समस्याओं की पहचान एवं उद्बोधन
(ख) समस्याओं पर विचार-विमर्श / चर्चा
(ग) उनका मूल्यांकन
(घ) समाधानों पर चर्चा
(ङ) सर्वाधिक उपयुक्त समाधानों का निर्धारण
(च) समाधान सम्बन्धी सुझावों को सूचीबद्ध करना
विचारों के प्रस्फुटन, समग्र रचनात्मकता में वृद्धि, तथा समूह सदस्यों के सामजिक अवरोधों और संकोच में कमी के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए बुद्धिशीलता के चार बुनियादी नियम (ओसबोर्न, 1963) हैं:
(क) प्रतिक्रिया नहीं देना (Don't React) / आलोचना न करना (No Criticism)
(ख) सभी को सुनना (Hear them out)
(ग) प्रतिपुष्टि के लिए आग्रह करना (Ask for feedback)
(घ) आत्म-विश्वास बनाए रखना (Be Confident)
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