पदोन्नति का आधार - promotion basis
पदोन्नति का आधार - promotion basis
पदोन्नति निम्नलिखित आधारों पर तय की जाती है।
1. योग्यता:- योग्यता का अर्थ है कि कर्मचारी की कार्य दक्षता, शैक्षणिक योग्यता, अनुभव आदि है। किसी भी व्यक्ति की योग्यता का मूल्यांकन साक्षात्कार, मौखिक परीक्षा द्वारा किया जा सकता है। किसी विद्यमान कर्मियों की योग्यता का मूल्यांकन अभिलेख के आधार पर किया जाता है, लेकिन इस बात का मूल्यांकन कठिन है कि कर्मिक जो वर्तमान पद पर अच्छे से कार्य कर रहा है वह उच्च पद पर भी अच्छे से कार्य करेगा।
2. कुशलता:- योग्यता और कुशल में निम्न भिन्नता होती है। योग्यता में शैक्षणिक, व्यावसायिक या अन्य प्रकार के गुण होते है जबकी कुशलता में कौशल व्यक्ति एवं संगठन की प्रवृत्तियों, कार्य कुशलता एवं क्षमता आदि का समावेश है। कुशलता ही पदोन्नति का आधार होना चाहिए, क्योंकि कार्य कुशल व्यक्ति उच्च पद पर जा कर अपनी कुशलता से कार्य पूर्ण करेगा।
3. वरीयता:- वरीयता का अर्थ वरिष्ट से है। इसके आधार पर जो व्यक्ति संगठन में अपना योग्यदान बहुत पहले से दे रहा है उसे पहले पदोन्नति प्राप्त होगी। इसमें व्यक्ति को पहले से पता होता है कि यह पद रिक्त होगा तो इस पर वरीयता सूची में जो सबसे ऊपर है उनकी की पदोन्नति की जाएगी। यानि अधिक अनुभवी व्यक्ति ही उच्च पद पर जाएगा। इस क्रिया में किसी भी प्रकार का पक्षपात नहीं होता है। इस को आधार मानने से कर्मचारियों में एकता बनी रहती है।
4. वरीयता और कुशलता: पदोन्नति के लिए कौन सा आधार तय किया जाए यह निर्णय कर पाना कठिन है। पदोन्नति के लिए वरीयता और कुशलता दोनों की आवश्यकता होती है। इसलिए उन व्यक्तियों का चयन हो जो वरीयता के साथ कुशल भी हो इसके लिए उन कर्मचारियों को सूची बनानी चाहिए और वर्णक्रम के आधार पर पदोन्नति करनी चाहिए।
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