लघु उद्योगों के लिए पंजीकरण , लघु उद्योग की स्थापना - Registration for small scale industries, establishment of small scale industries

लघु उद्योगों के लिए पंजीकरण , लघु उद्योग की स्थापना - Registration for small scale industries, establishment of small scale industries

पंजीकरण लघु उद्योग क्षेत्र में उद्यमी को देश के किसी भी भाग में यूनिट की स्थापना करने के लिए केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार से लाइसेंस प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं होती है। लघु यूनिटों का पंजीकरण भी अनिवार्य नहीं है। परंतु इसका राज्य निदेशालय या उद्योग आयुक्त या डी आइ सी में पंजीकरण यूनिट को विभिन्न प्रकार से वित्तीय सहायता राज्य वित्तीय निगम से और अन्य वाणिज्यिक बैंकों से मध्यकालीन और दीर्घकालीन ऋण राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम से किराया खरीद आधार पर मशीनरी आदि । लघु उद्योगों के सवर्धन के लिए विशेष योजनाओं जैसे ऋण गारंटी योजना पूजी आर्थिक सहायता, चुनिंदा मदों पर कम सीमा शुल्क, आई एस ओ 9000 प्रमाणपत्र प्रतिपूर्ति एवं राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले अनेकानेक दूसरे लाभों का लाभ प्राप्त करने के लिए पंजीकरण भी अनिवार्य रूप से आवश्यक है।

देश में लघु उद्योगों की वृद्धि और विकास के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करता है। लघु उद्योगों का संवर्धन करने के लिए मंत्रालय नीतियां बनाता है और उन्हें क्रियाविन्त करता है व उनकी प्रतिस्पर्धा बढ़ाता है। इसकी सहायता विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम करते हैं, जैसे 


• लघु उद्योग विकास संगठन अपनी नीति का निर्माण करने और कार्यान्वयन का पर्यवेक्षण करने, कार्यक्रम, परियोजना, योजनाएं बनाने में सरकार को सहायता करने वाले शीर्ष निकाय है।


• राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लिमिटेड का स्थापना सरकार द्वारा देश में लघु उद्योगों का संवर्धन, सहायता और पोषण करने की दृष्टि से की गई थी, जिसका संकेंद्रण उनके कार्यों के वाणिज्यिक पहलुओं पर था।


• मंत्रालय ने तीन राष्ट्रीय उद्यम विकास संस्थानों की स्थापना की है जो प्रशिक्षण केंद्र, उपक्रम अनुसंधान और लघु उद्योग के क्षेत्र में उद्यम विकास के लिए प्रशिक्षण और परामर्श सेवाओं में लगी हुई हैं, ये इस प्रकार है- (1) हैदराबाद में राष्ट्रीय लघु उद्योग विस्तार प्रशिक्षण संस्थान (2) नोएडा में राष्ट्रीय एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान, (3) गुवाहाटी में भारतीय उद्यम संस्थान असंगठित क्षेत्र में राष्ट्रीय उद्यन आयोग का गठन ।


लघु उद्योग की स्थापना


एक लघु व्यवसाय की इकाई कोई भी व्यक्ति स्थापित कर सकता है। वह पुराना उद्यमी हो सकता है अथवा नवीन उसे व्यवसाय चलाने का अनुभव हो सकता है और नहीं भी, यह शिक्षित भी हो सकता है अथवा अशिक्षित भी उसकी पृष्ठभूमि ग्रामीण हो सकती अथवा शहरी ।