लघु व कुटीर उद्योगों की आवश्कताएं - Requirements of small and cottage industries
लघु व कुटीर उद्योगों की आवश्कताएं - Requirements of small and cottage industries
बेरोजगारी है अतः श्रम आधारित उद्योग का चयन किया गया है। उससे बेरोजगारी का समाधान होगा।
वे अपनी रोजमर्रा की आवश्यकता के लिए आत्मनिर्भर बने, इससे खपत की समस्या का भी समाधान होगा।
उद्योग प्रदूषण रहित होगे जिससे प्रकृति संकलन बना रहे। ऐसे उद्योग का चयन किया जाए जिनको सहज, सरल व स्वभाविक तरीके से किया जा सकेगा। जो वे जानते है उससे प्रारंभ होगे।
जो उनके पास साधन है, उससे निर्माण किया जाएगा। ऐसे उत्पाद चयन होंगे जो ग्रामीण क्षेत्र के स्थानीय संसाधनों पर आधारित हो।
उत्पाद ऐसा होगा जिसकी बिक्रि की दिक्कत ना हो जिसकी अधिकतर खपत आसानी से अपने तथा आसपास के गावों में हो जाए। शहर में बिक्रि हेतु जाना भी पड़े तो वहा स्पर्धा ना हो।
उद्योग ऐसे होगे जितनी पूजी व्यक्ति या समूह के पास है उसी से वह प्रारंभ हो जाए।
किसी के अनुदान अथवा कर्ज का मूह न ताकना पड़े। एक बार उद्योग अपने प्रयासों से ठीक चलने लगे उसे गति देने के लिए बाहरी सहायता ऋण, अनुदान आदि अवश्य लिया जा सकते है। ऐसे उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी जो कृषि के सहायक धंधे के रूप में हो अथवा कृषि से प्राप्त उत्पाद पर आधारित हो।
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