अनुसंधान डिजाइन - research design
अनुसंधान डिजाइन - research design
चूँकि विपणन समस्याएं अत्याधिक जटिल अनियमित अन्तराल से उत्पन्न होने वाली अनिश्चिततायुक्त तथा दीर्घकाल तक प्रभाव डालने वाली होती है जिसके फलस्वरूप विपणन अनुसंधान का कार्य अत्याधिक समय लेने वाला खर्चीला तथा परिश्रमी होता है। अतः अनुसंधान कार्य से पूर्व योजना या रुपरेखा का निर्माण करना अति आवश्यक होता है इसी योजना के आधार पर विपणन समस्या के संदर्भ में किसी विश्वसनीय प्रमाणिक तथा तार्किक निष्कयों तक पहुंच जा सकता है।
जहूदा एवं कुक के अनुसार, यद्यपि किसी भी ढंग के प्रयोग द्वारा अनिश्चितता को पूर्ण रूप से समाप्त नहीं किया जा सकता है, फिर भी क्रमबद्ध रूप से वैज्ञानिक ढंग का प्रयोग करते हुए अनिश्चितता के इन तत्वों को कम किया जा सकता है
जो सूचना की कमी के परिणामस्वरूप उत्पन्न होते हैं। अनुसंधान के लिए प्रस्तावित प्रश्नों के विकल्पीय उत्तरों का उपयुक्तता के विषय में निर्णय लेने के लिए आवश्यक परिणामों को संयोग कर आधारित ढंग का प्रयोग करते हुए प्राप्त कर क्रमबद्ध रूप से यथासम्भव अधिक से अधिक नियन्त्रित ढंग का प्रयोग करते हुए प्राप्त किया जाता है। वास्तव में समस्या प्रतिपादन के अंतर्गत हम सूचना के उन प्रकारों का विशिष्ट विवरण प्रस्तुत करते हैं जो आश्वासन देते है कि प्रस्तावित प्रश्नों के उत्तर प्रदान करने के लिए इच्छित एवं आवश्यक प्रमाण उपलब्ध हो जायेंगे जबकि अनुसंधान प्ररचना का निर्माण करते हुए इस आवश्यक एवं इच्छित प्रमाणों के संबंध में त्रुटियों से यथासम्भव बचना या प्रयास एवं लागत को कम करना चाहते हैं।
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