पूर्वागामी सर्वेक्षण - retrospective survey
पूर्वागामी सर्वेक्षण - retrospective survey
सामान्य अर्थ में अध्ययन विषय एवं अध्ययन स्थल की समस्त वास्तविकताओं एवं मूल कठिनाईयों से परिचित होने के लिए वास्तविक या मूल सर्वेक्षण से पूर्व किये जाने वाले लघु वस्तु सर्वेक्षण को पूर्वागामी सर्वेक्षण कहते हैं। एकॉफ के अनुसार एक अनुसंधान में समस्त व्यवहारिक पक्षों के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के उद्देश्य से मूल सर्वेक्षण या अनुसंधान से पूर्व अत्यन्त छोटे पैमाने पर जो सर्वेक्षण किया जाता है, पूर्वगामी सर्वेक्षण कहलाता है।"
सी.ए. मोजर ने पूर्वागामी सर्वेक्षण को मूल अनुसंधान कार्य का संक्षिप्त रूप माना है इसके अनुसार, पूर्वगामी सर्वेक्षण ड्रेस रिहर्सल है, और एकरगमंचीय ड्रेस रिहर्सल के समान है, जिसमें प्रारंभिक परीक्षणों एवं अभ्यासों की एक श्रृंखला सम्मिलित होती है।"
मिलड्रेड पांटेन ने पूर्वागामी सर्वेक्षण अनुसंधान को अनुभवों तथा परिणामों तक के पूर्व ज्ञान का एक संक्षिप्त अध्ययन कहा है जिसके द्वारा सर्वेक्षण का अंतिम स्वरूप निर्धारित किया जाता है। उपरोक्त परिभाषाओं से यह स्पष्ट होता है कि इसका मुख्य अनुसंधान से बिल्कुल पृथक प्रयोजन होता है इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं कि किसी भी बड़े अनुसंधान कार्य को एकाएक आरम्भ करना अनेक जोखिमों से युक्त हो सकता है अतः मुख्य सर्वेक्षण से पूर्व एक संक्षिप्त सर्वे आरम्भिक ज्ञान प्राप्त करने के उद्देश्य से अति आवश्यक होता है। प्राय निम्न परिस्थितियों में इसका प्रयोजन उचित कहा जा सकता है।
(i) जब मूल अध्ययन या समस्या का क्षेत्र इतना व्यापक हो तथा उसके विषय में कोई निश्चित अनुमान लगाना कठिन हो ।
(ii) जब समस्या के संबंध में प्रारंभिक ज्ञान प्राप्त करने के लिए सामग्री उपलब्ध न हो।
(iii) जब यह शांत करना हो कि अनुसंधान या विषय को निश्चित दशाओं में मोड़ने से वैज्ञानिक निष्कर्ष तक पहुंचना सरल हो सकता है।
(iv) जब अनुसंधानकर्ता को व्यवस्थित ढंग से सूचना संकलन की आवश्यकता हो।
(v) जब प्रस्तावित विषय के लिए राजकीय सहायता उपलब्ध हो, तो अनुसंधान की प्रारंभिक रुपरेखा तैयार की जाती है।
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