साझेदारों के अधिकार - Rights of Partners

साझेदारों के अधिकार - Rights of Partners


साझेदारों के अधिकारों को निम्न दो भागों में विभाजित किया जा सकता है:


• सामान्य अधिकार जो अनुबंध द्वारा बदले नहीं जा सकते है।


• अधिकार जो अनुबंध द्वारा बदले जा सकते हैं।


सामान्य अधिकार जो अनुबंध द्वारा बदले नहीं जा सकते हैं-


प्रत्येक साझेदार के सामान्य अधिकार जो अनुबंध के द्वारा बदले नहीं जा सकते है निम्नलिखित है:


1. न्यायपूर्ण और विश्वासयुक्त व्यवहार प्रत्येक साझेदार अन्य साझेदारों से न्यायपूर्ण और विश्वासयुक्त व्यवहार पानेकी दशा रखने का अधिकार रखता है।


2. साझेदारी संबंधी तथ्य जानता प्रत्येक साझेदार का यह अधिकार है कि वह अपने साथी साझेदारों से साझेदारी संबंधी प्रत्येक तथ्य जाने और पूछे जो वो स्वयं नहीं जानता। 


3. कपटपूर्ण व्यवहार से क्षतिपूर्ति करना प्रत्येक साझेदार को अपने क्षतिपूर्ति कराने का अधिकार है जो उसे अन्य साझेदार अथवा साझेदारों के कपटपूर्ण व्यवहार को कारण हुआ हैं।


4. बिना सर्वसम्मति के फर्म में परिवर्तन नहीं फर्म में किसी प्रकार का परिवर्तन सभी साझेदारों के सर्वसम्मति के बिना नहीं किया जा सकता है।


5. आपत्तिकाल में अधिकार आपत्तिकाल में प्रत्येक साझेदार को वह सब करने का अधिकार होता है जिससे फर्म की हानि से रक्षा हो।