नीलामी द्वारा विक्रय संबंधी नियम - rules of sale by auction

नीलामी द्वारा विक्रय संबंधी नियम - rules of sale by auction


नीलामी द्वारा विक्रय संबंधी नियम निम्नलिखित प्रकार से स्पष्ट किये गये है-


1. माल का अनेक भागों में विक्रय यदि माल विक्रय के लिए अलग-अलग रखा जाता है तो प्रत्येक भाग का विक्रय एक अलग अनुबंध की विषय-वस्तु समझी जायेगी।


2. विक्रय अनुबंध को पूरा करना- नीलामी द्वारा विक्रय उस समय पूरा हो जाता है जब नीलामीकर्ता हथौड़े की चोट से अथवा किसी अन्य प्रचलित तरीके से उसका पूरा होना घोषित करता है और जब तक ऐसी घोषणा न कर दी जाय तब तक बोली लगाने वाला अपनी बोली वापस ले सकता है।


3. विक्रेता द्वारा बोली- बोली बोलने का अधिकार विक्रेता अथवा रखा जा सकता है।

यदि ऐसा अधिकार सुरक्षित रखा गया हो, तो विक्रेता अथवा उसकी ओर से अन्य कोई व्यक्ति दी गई व्यवस्थाओं के अनुसार बोली बोल सकता है।


4. विक्रेता द्वारा बोली बोलने की सूचना न देने पर यदि विक्रेता द्वारा बोली बोलने के अधिकार की सूचना नहीं दी गई हो, तो विक्रेता द्वारा स्वयं बोली बोलता अथवा उसके द्वारा इस कार्य के लिए किसी अन्य व्यक्ति को नियुक्त किया जाना अवैध होगा।


5. आरक्षित मूल्य- विक्रय किसी आरक्षित अथवा नियत मूल्य के अंतर्गत सूचित किया जा सकता है। 


6. बनावटी बोली- नीलामी द्वारा विक्रयके दोड़ान यदि विक्रेता मूल्य की बढ़ाने के लिए बनावटी मूल्य का प्रयोग करता है, तो विक्रय क्रेता की इच्छा पर व्यर्थनीय होता है।