प्रतिदर्श प्रक्रिया - sampling process

प्रतिदर्श प्रक्रिया - sampling process


टल एवं डॉकिन्स के अनुसार, "निदर्शन प्रक्रिया में अग्र सात चरण सम्मिलित होते है-


(i) समग्र को परिभाषित करना


(ii) निदर्श रचना को निर्दिष्ट करना


(iii) निदर्शन इकाइयों को निर्दिष्ट करना


(iv) निदर्शन पद्धति को निर्दिष्ट करना


(v) निदर्शन आकार का निर्धारण करना


(vi) निदर्शन योजना को निर्दिष्ट करना


(vii) निदर्श का चयन करना।


उपरोक्त चरणों का संक्षिप्त विवेचना निम्नलिखित है-


(1) समग्र को परिभाषित करना निदर्शन प्रक्रिया का यह प्रथम महत्वपूर्ण चरण है जिसमे समग्र को परिभाषित किया जाता है समग्र से तात्पर्य सम्पूर्ण अनुसंधान क्षेत्र से है। उदाहरण के लिए दिल्ली शहर में कितने परिवारों द्वारा मनोरंजन हेतु इन्टरनेट पर कितना पैसा व्यय किया जाता है, तो यहा दिल्ली शहर के कुल परिवारों की संख्या ज्ञात करनी होगी और यही अनुसंधान कार्य का समग्र कहा जायेगा।


2: प्रतिदर्श रचना को निर्दिष्ट करना प्रतिदर्श प्रक्रिया का यह द्वितीय चरण है जिसमे निर्दिष्ट किया जाता है। निदर्शन रचना समग्र के तत्वों के प्रस्तुतिकरण का एक माध्यम है। निदर्शन रचना टेलिफोन,

पुस्तक, एवं शहर निर्देशिका, कर्मचारी रोस्टर या विश्वविद्यालय में आने वाले छात्रों की सूची हो सकती है। उदाहरण के लिए यदि कोई व्यक्ति संगठन को एक निदर्शन लेना चाहता है जिनका स्टॉक बम्बई स्टॉक एक्सचेंज पर सूचियत है तो एक पूर्ण निदर्शन रचना राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित होने वाली किसी भी दैनिक समाचार पत्र से उपलब्ध हो सकती है।


3. प्रतिदर्श इकाई को निर्दिष्ट करना प्रतिदर्श इकाई यह आधारभूत इकाई है जिसमें समग्र के तत्व सम्मिलित होते है, जिसका निदर्श किया जाना है। यह तत्व भी हो सकता है और इकाई भी जिसमें तत्व सम्मिलित है। उदाहरण के लिए, यदि 13 वर्ष से अधिक उम्र वाले व्यक्तियों का निदर्शन प्राप्त करना है तो यहां प्रत्यक्ष निदर्शन लेना संभव हो सकता है।

अन्य शब्दों में प्रत्येक घर मे जितने व्यक्ति 14 वर्ष से अधिक उम्र के है. उनको निदर्शन इकाई माना जा सकता है। यहां समग्र के तत्व तथा निदर्शन इकाई समान नहीं हैं।


मूलतः निदर्शन इकाई का चयन निदर्शन रचना पर आधारित होता है। उदाहरण के लिए, यदि तत्वों की सूची सापेक्षिक रूप से शुद्ध तथा पूर्ण उपलब्ध है. तो क्रयण एजेंटों के रजिस्टर को प्रत्यक्षतः निदर्शन माना जा सकता है। यदि ऐसा रजिस्टर उपलब्ध है तो आधारभूत निदर्शन इकाई के रूप में एक व्यक्ति को निदर्शन कम्पनी की आवश्यकता होती है। निदर्शन इकाई का चयन अंशत परियोजना का समग्र प्ररचना पर भी आधारित होता है उदाहरण के लिए यदि एक टेलीफोन सर्वेक्षण संचालित किया जाना है, तो निदर्शन इकाई आवश्यक रूप से टेलिफोन नम्बर होंगे।


उपरोक्त प्रतिदर्श पद्धतियों को प्रारंभ में वर्णन किया जा चुका है। अतः यहां पुनः विवेचन नहीं किया गया है-