विक्रेता के अधिकार - seller's rights

विक्रेता के अधिकार - seller's rights


वस्तु विक्रय अधिनियम के अनुसार एक विक्रेता के निम्नलिखित अधिकार है–


1. मूल्य प्राप्त करने का अधिकार - विक्रेता को किसी भी बेचे गये माल का मूल्य प्राप्त करने का अधिकार है। यह मूल्य उसे क्रेता से प्राप्त होगा।


2. मूल्य के लिए वाद प्रस्तुत करने का अधिकार- यदि विक्रय अनुबंध के अंतर्गत विक्रेता ने क्रेता को माल का स्वामित्व हस्तांतरित कर दिया है अथवा क्रेता दोषपूर्ण ढंग से अनुबंध की शर्तों के अनुसार माल का मूल्य चुकाने से इन्कार करता है। तो विक्रेता माल के मूल्य के लिए वाद प्रस्तुत करने का अधिकारी है।


3. अस्वीकृति के लिए क्षतिपूर्ति - यदि क्रेता दोषपूर्ण ढंग से माल को स्वीकार करने या मूल्य चुकाने में उपेक्षा एवं इन्कार करता है, तो विक्रेता माल की अस्वीकृति के लिए क्षतिपूर्ति का वाद प्रस्तुत करने का अधिकारी है।


4. विशिष्ट निष्पादन - विक्रेता को माल के विक्रय अनुबंध के विशिष्ट निष्पादन का अधिकार है।


5. विशिष्ट क्षतिपूर्ति के रूप में व्याज प्राप्त करने का अधिकार-विक्रेता विशिष्ट क्षतिपूर्ति के रूप में माल के मूल्य पर ब्याज पाने का उस समय से अधिकारी है जिस तारीख को माल सुपूर्द किया गया था अथवा भुगतान देया था।